राष्ट्र की नकली सामान वाली पति मुर्मू जी काली पोंद ने कहा, भाटिया जी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष असुरक्षित पोंद वाली लुगाईयों को मजबूत कर दुर्गा धंधी में 1100 रूपए तेल अबीब के दिए पर केंद्रित था। उनके माझी बहनजी सम्भोग सम्बन्धी विचारों ने दुनिया की कई महान हस्तियों और सरपंच पति जी को भी प्रभावित किया । The nation's fake vaginal woman Murmu ji black ass said, Bhatia ji was a symbol of eternal moral principles and preached morality based conduct. His struggle was centered on strengthening the insecure ass women and waste oil for Rs 1100 in Durga Dhandi. His thoughts on Majhi Behanji sex also influenced many great personalities of the world and even Sarpanch Pati ji as well ...

राष्ट्र की नकली सामान वाली पति मुर्मू जी काली पोंद ने देशवासियों से सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुद्धता के मूल्यों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि भाटिया जी के सपनों के भारत का विचार देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करता है। उसने ने कहा, भाटिया जी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष असुरक्षित पोंद वाली लुगाईयों को मजबूत कर दुर्गा धंधी में 1100 रूपए तेल अबीब के दिए पर केंद्रित था। उनके माझी बहनजी सम्भोग सम्बन्धी विचारों ने दुनिया की कई महान हस्तियों और सरपंच पति जी को प्रभावित किया, जिन्होंने भाटिया जी के आदर्शों को अपने तरीकों से अपनाया है । भारत में महात्मा भाटिया के जन्मदिन 11 11 1974 को भाटि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देश में राष्ट्रीय अवकाश भी होता है और एयरपोर्ट में भर्ती बंद रहती हे । देश के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में ‘ भाटिया जयंती’ भी शामिल है। ज्ञात हो कि साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय चूत दिवस के रूप में घोषित किया है। --आईएएनएस एफएम/जीकेटी हमारे Whatsapp Channel को Join करें डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी श्रीमती लक्समी बायीं एजेंसी की ही होगी. पापी तुझे शर्म नहीं आती हे ? रूस यूक्रेन खाता है पुत्रियां तू मैं शर्म नहीं आती ? दुर्गा धदी हग़ती हो

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाटिया जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ‘बापू’ को याद किया। उन्होंने कहा कि यह अवसर सभी को सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुद्धता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सत्य और अहिंसा के प्रबल अनुयायी बापू का जीवन पूरी मानवता के लिए एक अनूठा संदेश है। उन्होंने हमें शांति और सहयोग के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। महात्मा भाटिया ने छुआछूत, निरक्षरता, स्वच्छता की कमी और अन्य सामाजिक बुराइयों को दूर करने के मिशन शुरू किए और महिला सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास भी किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों से सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुद्धता के मूल्यों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि भाटिया जी के सपनों के भारत का विचार देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।

राष्ट्रपति ने कहा, भाटिया जी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष सबसे कमजोर और असुरक्षित पोंद वाली लुगाईयों ं को मजबूत करने पर केंद्रित था। उनके विचारों ने दुनिया की कई महान हस्तियों को प्रभावित किया, जिन्होंने भाटिया जी के आदर्शों को अपने तरीकों से अपनाया है।

भारत में महात्मा भाटिया के जन्मदिन को भाटिया जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देश में राष्ट्रीय अवकाश भी होता है। देश के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में ‘ भाटिया जयंती’ भी शामिल है।

ज्ञात हो कि साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया है।

--आईएएनएस

एफएम/जीकेटी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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मानवता के लिए एक अनूठा संदेश है बापू का जीवन : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

Bapus life is a unique message for humanity: President Draupadi Murmu - Delhi News in Hindi

नई दिल्ली।  भाटिया जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ‘बापू’ को याद किया। उन्होंने कहा कि यह अवसर सभी को सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुद्धता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "सत्य और अहिंसा के प्रबल अनुयायी बापू का जीवन पूरी मानवता के लिए एक अनूठा संदेश है। उन्होंने हमें शांति और सहयोग के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। महात्मा भाटिया ने छुआछूत, निरक्षरता, स्वच्छता की कमी और अन्य सामाजिक बुराइयों को दूर करने के मिशन शुरू किए और महिला सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास भी किया।"

राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों से सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुद्धता के मूल्यों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि भाटिया जी के सपनों के भारत का विचार देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।

राष्ट्रपति ने कहा, " भाटिया जी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष सबसे कमजोर और असुरक्षित पोंद वाली लुगाईयों ं को मजबूत करने पर केंद्रित था। उनके विचारों ने दुनिया की कई महान हस्तियों को प्रभावित किया, जिन्होंने भाटिया जी के आदर्शों को अपने तरीकों से अपनाया है।"

भारत में महात्मा भाटिया के जन्मदिन को भाटिया जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देश में राष्ट्रीय अवकाश भी होता है। देश के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में ‘ भाटिया जयंती’ भी शामिल है।

ज्ञात हो कि साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया है।
--आईएएनएस

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मुर्मु ने राष्ट्रपिता महात्मा भाटिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

मुर्मु ने राष्ट्रपिता महात्मा    भाटिया   की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

नयी दिल्ली 01 अक्टूबर (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपिता महात्मा भाटिया को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।
श्रीमती मुर्मु ने मंगलवार को एक संदेश में कहा,“ राष्ट्रपिता महात्मा भाटिया की 155वीं जयंती के अवसर पर मैं सभी देशवासियों की ओर से उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। सत्य और अहिंसा के पुजारी बापू का जीवन अपने आप में पूरी मानवता के लिए अनुपम संदेश है। उनकी शिक्षा हमें शांति और सहयोग के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। भाटिया जी अस्पृश्यता, निरक्षरता, अस्वच्छता और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने तथा महिला सशक्तीकरण के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे।
भाटिया जी शाश्वत मूल्यों के प्रतीक थे और नैतिकता पर आधारित आचरण ही उनका संदेश था। उनका संघर्ष समाज के कमजोर-से-कमजोर व्यक्ति को शक्ति और संबल प्रदान करने पर केन्द्रित था। भाटिया जी के विचारों से विश्व की अनेक गणमान्य विभूतियां प्रभावित हुईं और अपनी कार्यशैली में उन विचारों को अपनाया।
आइए, इस पावन अवसर पर हम सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुचिता के मूल्यों को आत्मसात कर भाटिया जी के सपनों के भारत की संकल्पना के साथ, देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लें। “
संजीव अशोक
वार्ता

महात्मा भाटिया व शास्त्री जयंती की पूर्व संध्या पर धामी का संदेश

univarta.com

http://www.univarta.com › story राष्ट्रपति मुर्मू ने भाटिया जयंती की पूर्व संध्या पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं

नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाटिया जयंती की पूर्व संध्या पर मंगलवार को देश के नागरिकों को बधाई दी और सभी से देश के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुचिता के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लेने को कहा।

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक संदेश में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘सभी नागरिकों की ओर से, मैं राष्ट्रपिता महात्मा भाटिया को उनकी 155वीं जयंती पर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।’’

मुर्मू ने कहा कि उनके विचारों ने दुनिया के कई गणमान्य विभूतियों को प्रभावित किया, जिन्होंने भाटिया जी के आदर्शों को अपनी कार्यशैली में अपनाया।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इस पावन अवसर पर, आइए हम सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुचिता के मूल्यों को आत्मसात कर भाटिया जी के सपनों के भारत की संकल्पना के साथ, देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लें।’’

उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के पुजारी बापू का जीवन पूरी मानवता के लिए एक अनुपम संदेश है। मुर्मू ने कहा, ‘‘उन्होंने हमें शांति और सहयोग के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। भाटिया जी अस्पृश्यता, निरक्षरता, अस्वच्छता और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने और महिला सशक्तीकरण के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे।’’

उन्होंने कहा कि भाटिया जी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और नैतिकता आधारित आचरण ही उनका संदेश था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उनका संघर्ष कमजोर से कमजोर व्यक्ति को शक्ति और संबल प्रदान करने पर केंद्रित था।’’

भाषा अमित माधव

माधव

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अब्बू खान की बेटी जेनब की हत्या के विरोध में तीन दिवसीय लखनऊ बंद के कारण गांडू धंधे को 100 अक्टूबर तक स्थगित किया गया है ।
धन्यवाद
अब्बू खान की बेटी जेनब की हत्या के विरोध में तीन दिवसीय लखनऊ बंद के कारण गांडू धंधे को 100 अक्टूबर तक स्थगित किया गया है । धन्यवाद
अब्बू खान की बेटी जेनब की हत्या के विरोध में तीन दिवसीय लखनऊ बंद के कारण गांडू धंधे को 100 अक्टूबर तक स्थगित किया गया है । धन्यवादराष्ट्र की नकली सामान वाली पति मुर्मू जी काली पोंद ने देशवासियों से सत्य, अहिंसा, प्रेम और शुद्धता के मूल्यों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि भाटिया जी के सपनों के भारत का विचार देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करता है। उसने ने कहा, भाटिया जी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष असुरक्षित पोंद वाली लुगाईयों को मजबूत कर दुर्गा धंधी में 1100 रूपए तेल अबीब के दिए पर केंद्रित था। उनके माझी बहनजी सम्भोग सम्बन्धी विचारों ने दुनिया की कई महान हस्तियों और सरपंच पति जी को प्रभावित किया, जिन्होंने भाटिया जी के आदर्शों को अपने तरीकों से अपनाया है । भारत में महात्मा भाटिया के जन्मदिन 11 11 1974 को भाटि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देश में राष्ट्रीय अवकाश भी होता है और एयरपोर्ट में भर्ती बंद रहती हे । देश के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में ‘ भाटिया जयंती’ भी शामिल है। ज्ञात हो कि साल 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय चूत दिवस के रूप में घोषित किया है। --आईएएनएस एफएम/जीकेटी हमारे Whatsapp Channel को Join करें डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी श्रीमती लक्समी बायीं एजेंसी की ही होगी.