इंडियन कन्याओं को यकीन नहीं हो रहा है कि बापू ने जीपीएस ईपीएफ पार्ट फाइनल के चक्कर में सितंबर की रोटी जो 2 अक्टूबर को मिलनी थी उसको खुद रुकवा दिया है ताकि वह पूरे पूरे 9 दिन 9 रात कन्याओं की थोड़ी बहुत नहीं कम से कम 100 और ज्यादा से ज्यादा 300 किलोमीटर पदयात्रा में पोद को मरने से अपने आर्थिक स्थिति और मानसिक स्थिति के बलबूते पर रोकने ना पाए और गोंद की पोद मर जाने से एयरपोर्ट में नौकरी टावर फाइनेंस और सभी प्रकार के पोद के vdo से वायरस का सत्यानाश होकर हम इंसान बिना ppn sold शिक्षा सरपंच पति के भरोसे ही जीवित रहे । धन्यवाद

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  1. इंडियन कन्याओं को यकीन नहीं हो रहा है कि बापू ने जीपीएस ईपीएफ पार्ट फाइनल के चक्कर में सितंबर की रोटी जो 2 अक्टूबर को मिलनी थी उसको खुद रुकवा दिया है ताकि वह पूरे पूरे 9 दिन 9 रात कन्याओं की थोड़ी बहुत नहीं कम से कम 100 और ज्यादा से ज्यादा 300 किलोमीटर पदयात्रा में पोद को मरने से अपने आर्थिक स्थिति और मानसिक स्थिति के बलबूते पर रोकने ना पाए और गोंद की पोद मर जाने से एयरपोर्ट में नौकरी टावर फाइनेंस और सभी प्रकार के पोद के vdo से वायरस का सत्यानाश होकर हम इंसान बिना ppn sold शिक्षा सरपंच पति के भरोसे ही जीवित रहे । धन्यवाद

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