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नाना का आदेश - स्कूल फिर से खुल जाए तो मां की चूत को चूतिया बनाकर आत्महत्या कर लेX

नाना का आदेश - स्कूल फिर से खुल जाए तो मां की चूत को चूतिया बनाकर आत्महत्या कर लेX
नाना का आदेश - स्कूल फिर से खुल जाए तो मां की चूत को चूतिया बनाकर आत्महत्या कर लेX
नाना का आदेश - स्कूल फिर से खुल जाए तो मां की चूत को चूतिया बनाकर आत्महत्या कर लेX Vनाना का आदेश - स्कूल फिर से खुल जाए तो मां की चूत को चूतिया बनाकर आत्महत्या कर लेX

फूफा जी वीरेंद्र यादव जी को कल साबरमती जिले में और पर

इजरायल-ईरान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में जंग जारी; शवों को दफनाने की नहीं बची जगह; शहर बने खंडहर और 'ब्‍लड वैली'
इजरायल ईरान फिलिस्तीन और लेबनान समेत सात मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। आज हम आपको पांच ऐसे संघर्षों के बारे में बताते हैं जिनके चलते जमकर तबाही हो रही है। युद्ध की तबाही झेल रहे लोगों को देख इंसानियत भी रो पड़े। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में लाखों घर उजड़ गए। लोग बेघर हो गए। जानिए इजरायल और ईरान के अलावा कहां-कहां जारी है संघर्ष...

By Jagran News
Edited By: Deepti Mishra
Updated: Mon, 07 Oct 2024 08:54 PM (IST)
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Palestine & Israel war: युद्ध-गृहयुद्ध की आग में कहां-कहां मची है तबाही? फोटो-रॉयटर
डिजिटल डेस्‍क, नई दिल्‍ली। know about all wars and conflicts currently ongoing in the world amid israel hamas war: इजरायल ने 7 अक्टूबर  2023 को देर रात हमास पर हमला किया था। इजरायल और हमास के बीच जारी जंग को आज यानी 7 अक्टूबर 2024 एक साल हो गया। गाजा में अब तक 41 हजार से ज्‍यादा फिलिस्तीनी और हमास आतंकी मारे गए। दावा किया जा रहा है कि गाजा में लाशों को दफनाने की जगह नहीं बची है। फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह ने गाजा को ‘ब्लड वैली’ नाम दे दिया है।
इजरायल और हमास की जंग में धीरे-धीरे मिडिल ईस्‍ट के देश भी शामिल होते गए तो इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कसम खाई, ' हमास और उसके समर्थन में खड़े होने वाले हर संगठन को इजरायल तबाह कर देगा।'
मौजूदा वक्त में अकेला इजरायल सात मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है, जबकि दुनिया भर की बात करें तो पूर्वी यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट और अफ्रीका तक हिंसा और अस्थिरता का दौर जारी है।
यह विडियो भी देखें

फिलहाल, इजरायल के अलावा पांच ऐसे संघर्ष के बारे में आपको बताते हैं, जिनके चलते जमकर तबाही हो रही है। मानवीय संकट पैदा हो गया है। जहां कभी जिंदगी थी, वहां अब सिर्फ मलबा और खंडहर नजर आते हैं।  युद्ध की तबाही झेल रहे लोगों को देख इंसानियत भी रो पड़े। युद्ध पीड़ितों के पास न खाने को अनाज है,  न जरूरी सामानों को खरीदने के लिए पैसे।
युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में लाखों घर उजड़ गए। लोग बेघर हो गए। लोग अपने ही देश में शरणार्थी हो गए। किसी ने मांग को सिंदूर खोया तो किसी किसी के पास अपना कहना के लिए कोई नहीं बचा। हजारों महिलाओं का बेरहमी से दुष्‍कर्म किया गया तो न जाने कितनों की लाचारी का फायदा उठाया गया। बच्चों की सांसें छीन ली गईं। तबाही का मंजर देख साहिर लुधियानवी की लिखी पंक्तियां याद आ जाती हैं- ''जंग तो खुद ही एक मसला है, जंग क्‍या मसलों का हल देगी।''

1. रूस-यूक्रेन वॉर: लाखों की मौत; लेकिन सरकारें चुप
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में जंग शुरू हुई थी, जो अभी भी खत्म होती नजर नहीं आ रही है। रूस और यूक्रेन के हमले में कई शहर खंडहरों में तब्दील हो चुके हैं। क्रीमिया के कब्जे को लेकर शुरू हुआ संघर्ष अब यूक्रेन की जमीन और सत्ता पर अधिकार के लिए भीषण जंग बनी हुई है।
रूस की ताकत के आगे यूक्रेन न जाने कब का घुटने टेक चुका होता, लेकिन पश्चिमी सहयोगी देशों से मिल रही मदद और यूक्रेन की रणनीतिक स्थिति ने रूस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

विदेशी मीडिया रिपोर्ट की माने तो रूस-यूक्रेन में जारी जंग में दोनों देशों के एक लाख  के करीब सैनिक मारे जा चुकी है। हालांकि,दोनों देशों की सरकारों की ओर से मौत का आंकड़ा जारी नहीं किया जा रहा है।
लाखों लोगों का जन-जीवन बेपटरी हो गया है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद दोनों देश मोर्चे पर डटे हुए हैं। दोनों देशों के शांति-विराम की स्थिति बनते नजर नहीं आ रही है।
2. फिलिस्तीन-इजरायल और हमास
7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर किए गए हमले ने एक भीषण युद्ध  छेड़ दिया। हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जबकि हमास ने भी जोरदार पलटवार किया।

इजरायल और फिलिस्तीन के इस युद्ध में गाजा की जनता भयंकर मानवीय संकट में फंस गई है और लाखों लोगों का जीवन तबाह हो गया और ये तबाही अभी भी जारी है। हालत ये है कि दोनों पक्षों में शुरू हुए इस युद्ध ने मिडिल ईस्‍ट की शांति को भी भंगकर जंग का मैदान बना दिया है।
3. सूडानी गृहयुद्ध:  लाखों लोग हुए बेघर
सूडान एक बार फिर गृहयुद्ध की आग में जल रहा है। अप्रैल 2023 में शांति वार्ताएं विफल होने के बाद सूडान की राजधानी खार्तूम और दारफुर के इलाकों में भीषण लड़ाई शुरू हो गई। सूडान की सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच यह टकराव अब तक लाखों लोगों को बेघर कर चुका है और हजारों लोगों की जान ले चुका है।
सूडान में इस गृहयुद्ध का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। गृहयुद्ध की वजह से वहां की राजनीतिक स्थिति बेहद अस्थिर हो गई है। देश में बुनियादी सेवाएं ठप हो चुकी हैं और जनता लगातार हिंसा व अत्याचार का शिकार हो रही है।

4. म्यांमार का गृह युद्ध: 33 लाख ने किया पलायन 
भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में फरवरी 2021 में सैन्‍य तख्‍तापलट होते ही हिंसा भड़क गई। सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिरा दिया और देश की कमान अपने हाथ में ले जी। इसके बाद से यहां लोकतंत्र समर्थक समूह और जातीय सशस्त्र गुट सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।  
हालत इस कदर बिगड़ गए कि म्यांमार में जारी गृहयुद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और 33 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हस्तक्षेप के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं आया है।
यह भी पढ़ें -Israel War: हिजबुल्लाह की एक गलती और लेबनान में ब्लास्ट ही ब्लास्ट, मोसाद ने विस्फोटक पेजर खरीदने के लिए ऐसे किया था राजी

5. हैती में गिरोहों का आतंक
हैती पारंपरिक युद्ध की बजाय गिरोह की हिंसा से तबाह हो रहा है। साल 2021 में राष्ट्रपति की हत्या के बाद देश में अराजकता फैल गई और विभिन्न गिरोहों ने राजधानी समेत बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया। यहां सरकार लगभग निष्क्रिय हो चुकी है और कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज बाकी नहीं रही।
हैती में आम जनता को गिरोहों की हिंसा का सामना करना पड़ रहा है और देश में अराजकता और हिंसा का कोई अंत नहीं दिख रहा। इस समय हैती में सुरक्षा व्यवस्था इतनी बदहाल है कि लोग पलायन करने को मजबूर हैं।

यह भी पढ़ें -गाजा युद्ध का एक साल... बरसी पर हिजबुल्लाह का वार, इजरायल पर कर रहा मिसाइलों की बौछार
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पुर में राज्य अलंकरण हेतु आवेदन पत्र
फूफा जी वीरेंद्र यादव जी को कल साबरमती जिले में और परसों रायपुर में राज्य अलंकरण हेतु आवेदन Hindustan Hindi News

नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों ने कई जगहों पर पोस्टर चिपका कर गया जिले के आमस के सांव गांव के पास जीटी रोड पर संचालित टोल प्लाजा के मैनेजर को जान से मारने की धमकी दी है। नक्सलियों ने शुक्रवार की रात सांव टोल प्लाजा के पास कई बंद गुमटियों पर पोस्टर चस्पा किया था। शनिवार को लोगों की नजर पोस्टर पर पड़ी, इसके बाद मामले की जानकारी टोल अधिकारी व कर्मियों को दी गई।


पोस्टर में टोल मैनेजर को पुलिस की दलाली करने व पैसा देने से मना किया गया है। टोल चलाने के लिए संगठन से बात करने को कहा गया है। साथ ही माओवादियों की अनुमति के बगैर कर्मियों को टोल पर काम करने से मना किया गया है। यदि इसके बाद भी कोई कर्मी काम करता है तो छह इंच छोटा करने देने की धमकी दी गई है। पोस्टर में कहा गया है कि माओवादी संगठन के फौजी कभी भी टोल पर हमला कर टोल मैनेजर दीपक व विनोद की हत्या कर सकते हैं। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि पोस्टर हटा दिये गये हैं। मामले की जांच की जा रही है।

नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों ने करीब 14 वर्ष पूर्व सांव टोल प्लाजा पर हमला बोल दिया था। तब ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए टोल अधिकारी व कर्मिंयों को कब्जे में लेकर ड्यूटी करने वाले रिटायर्ड आर्मी जवानों के दर्जन भर से अधिक हथियार लूट ले गए थे। नक्सली की गोलीबारी में टोल पर ड्यूटी में तैनात एक रिटायर्ड आर्मी जवान शहिद हो गए थे।







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छह इंच छोटा कर देंगे, नक्सलियों ने पोस्टर चिपका टोल प्लाजा के मैनेजर को दी धमकी

पोस्टर में टोल मैनेजर को पुलिस की दलाली करने व पैसा देने से मना किया गया है। टोल चलाने के लिए संगठन से बात करने को कहा गया है। साथ ही माओवादियों की अनुमति के बगैर कर्मियों को टोल पर काम करने से मना किया गया है।

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पोस्टर में टोल मैनेजर को पुलिस की दलाली करने व पैसा देने से मना किया गया है। टोल चलाने के लिए संगठन से बात करने को कहा गया है। साथ ही माओवादियों की अनुमति के बगैर कर्मियों को टोल पर काम करने से मना किया गया है। यदि इसके बाद भी कोई कर्मी काम करता है तो छह इंच छोटा करने देने की धमकी दी गई है। पोस्टर में कहा गया है कि माओवादी संगठन के फौजी कभी भी टोल पर हमला कर टोल मैनेजर दीपक व विनोद की हत्या कर सकते हैं। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि पोस्टर हटा दिये गये हैं। मामले की जांच की जा रही है।

14 साल पहले नक्सलियों ने लूट लिए थे हथियार

नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों ने करीब 14 वर्ष पूर्व सांव टोल प्लाजा पर हमला बोल दिया था। तब ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए टोल अधिकारी व कर्मिंयों को कब्जे में लेकर ड्यूटी करने वाले रिटायर्ड आर्मी जवानों के दर्जन भर से अधिक हथियार लूट ले गए थे। नक्सली की गोलीबारी में टोल पर ड्यूटी में तैनात एक रिटायर्ड आर्मी जवान शहिद हो गए थे।

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पीएम मोदी ने बेबाक अंदाज में पुतिन के सामने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध का न सिर्फ जिक्र किया बल्कि शांति की अपील की. उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने 2 मिनट तक बोले और इस दौरान उनका सबसे ज्यादा जोर रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति पर रहा.

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ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. (PTI Photo)
ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. (PTI Photo)

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दो दिवसीय दौरे पर रूस के कजान शहर में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दुनिया की नजरें टिकी हैं. सब देखना चाहते हैं कि दुनिया में जारी संघर्ष और तनाव को कम करने के लिए भारत क्या भूमिका निभाता है. इजरायल का हमास और हिज्बुल्लाह के साथ जंग हो या रूस-यूक्रेन युद्ध, दोनों संघर्षों के और फैलने का खतरा मंडरा रहा है. 

दुनिया की नजर भारत पर क्यों है इसे समझने के लिए कजान में पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच की मुलाकात पर गौर करना होगा. भारत और रूस के बीच हुई इस द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का ऐसा अंदाज देखने को मिला जिसे देखकर अमेरिका का जलना तय है. द्विपक्षीय बैठक के दौरान पुतिन ने कुछ ऐसा कह दिया कि पीएम मोदी खिलखिलाकर हंसने लगे.

पीएम मोदी ने की रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान की अपील

पीएम मोदी ने बेबाक अंदाज में पुतिन के सामने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध का न सिर्फ जिक्र किया बल्कि शांति की अपील की. उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन संघर्ष के मुद्दे पर हम लगातार संपर्क में रहे हैं. हमारा मानना है कि समस्याओं का समाधान शांति से ही होना चाहिए. भारत का प्रयास सदैव मानवता को प्राथमिकता देने का होता है. भारत यूक्रेन संघर्ष के समाधान और शांति बहाली के लिए हर संभव मदद को तैयार है.' प्रधानमंत्री मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने 2 मिनट तक बोले और इस दौरान उनका सबसे ज्यादा जोर रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति पर रहा. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजान एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनका स्वागत लड्डू और ब्रेड-नमक के साथ किया गया. होटल पहुंचने पर भारतीय पोशाक पहने रूसी कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. दोपहर 4 बजे के आसपास पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई. मोदी कार से उतकर पुतिन के पास गए और उन्हें गले लगाया. इसके बाद वह पल आया जब पुतिन ने भारत और रूस के संबंधों को लेकर कुछ ऐसा कहा जिसे सुनकर पीएम मोदी खिलखिलाकर हंस पड़े. पुतिन ने कहा, 'भारत और रूस के संबंध इस कदर प्रगाढ़ हैं कि मुझे लगता है आप मेरी बात बिना ट्रांसलेटर के भी समझ सकते हैं.'

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इजरायल-ईरान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में जंग जारी; शवों को दफनाने की नहीं बची जगह; शहर बने खंडहर और 'ब्‍लड वैली'

इजरायल ईरान फिलिस्तीन और लेबनान समेत सात मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। आज हम आपको पांच ऐसे संघर्षों के बारे में बताते हैं जिनके चलते जमकर तबाही हो रही है। युद्ध की तबाही झेल रहे लोगों को देख इंसानियत भी रो पड़े। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में लाखों घर उजड़ गए। लोग बेघर हो गए। जानिए इजरायल और ईरान के अलावा कहां-कहां जारी है संघर्ष...

BY JAGRAN NEWSEDITED BY: DEEPTI MISHRAUPDATED: MON, 07 OCT 2024 08:54 PM (IST)
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Palestine & Israel war: युद्ध-गृहयुद्ध की आग में कहां-कहां मची है तबाही? फोटो-रॉयटर
डिजिटल डेस्‍क, नई दिल्‍ली। know about all wars and conflicts currently ongoing in the world amid israel hamas war: इजरायल ने 7 अक्टूबर  2023 को देर रात हमास पर हमला किया था। इजरायल और हमास के बीच जारी जंग को आज यानी 7 अक्टूबर 2024 एक साल हो गया। गाजा में अब तक 41 हजार से ज्‍यादा फिलिस्तीनी और हमास आतंकी मारे गए। दावा किया जा रहा है कि गाजा में लाशों को दफनाने की जगह नहीं बची है। फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह ने गाजा को ‘ब्लड वैली’ नाम दे दिया है।

इजरायल और हमास की जंग में धीरे-धीरे मिडिल ईस्‍ट के देश भी शामिल होते गए तो इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कसम खाई, ' हमास और उसके समर्थन में खड़े होने वाले हर संगठन को इजरायल तबाह कर देगा।'

मौजूदा वक्त में अकेला इजरायल सात मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है, जबकि दुनिया भर की बात करें तो पूर्वी यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट और अफ्रीका तक हिंसा और अस्थिरता का दौर जारी है।

यह विडियो भी देखें दो फाड़ होती दिख रही है। एक तरफ नाटो देश हैं तो दूसरी तरफ रूस और चीन हैं। रूस जहां यूक्रेन को लेकर आक्रामक है, वहीं चीन की नजर ताइवान पर है।
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US Presidential Election 2024: यूक्रेन और इजरायल के मुद्दे पर ट्रंप ने हैरिस को छोड़ा बहुत पीछे, जानें क्या कहते हैं नए सर्वे

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास के मामले में अपनी अलग सोच के लिए हैरिस से काफी आगे निकल गए हैं।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra@dharmendramedia
Updated on: October 12, 2024 16:33 IST
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस। - India TV Hindi
Image Source : APअमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस।

वाशिंगटनः अमेरिका में 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास, इजरायल-हिजबुल्लाह व इजरायल-ईरान युद्ध पर अपनी बेबाक राय और रणनीति देश के सामने रखने वाले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिद्वंदी कमला हैरिस को बहुत पीछे छोड़ दिया है। वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में ट्रंप ने हैरिस पर भारी बढ़त बना ली है। डब्लूएसजे पोल के अनुसार रूस-यूक्रेन में युद्ध को संभालने में सबसे अच्छा कौन है, इस मामले में ट्रम्प सात स्विंग राज्यों में हैरिस के 39 फीसदी के मुकाबले 50 फीसदी मतों के साथ आगे हैं। 

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इन पांच देशों के पास है सबसे मजबूत सुरक्षा कवच, दु

इजरायल पर ईरान के हमले की प्रतिक्रिया के साथ, क्षेत्रीय संघर्ष का विस्तार होता दिख रहा है - PALESTINE ISRAEL CONFLICT

यदि रूस युद्ध में शामिल होता है, तो कल्पना भी नहीं कर सकते कि आगे क्या होगा. तीसरे विश्व युद्ध की भविष्यवाणी हो रही है.

PALESTINE ISRAEL CONFLICT
5 अक्टूबर को उत्तरी इजराइल से दक्षिणी लेबनान में इजराइली बमबारी के बाद निकलता धुआं. (AP)
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By Sanjay Kapoor

Published : Oct 6, 2024, 3:31 PM IST

आप अत्यंत अस्थिर और अनिश्चित समय में कैसे भविष्यवाणी कर सकते हैं कि आगे क्या होगा? भविष्य का पता लगाने वाले सभी उपकरण पुराने लगते हैं, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग प्रमुख लोगों की हत्या करने और इस संघर्ष के परिणाम में हेरफेर करने के लिए किया गया था.

कुछ सप्ताह पहले इसी तरह के एक प्रश्न का उत्तर देते समय यह टिप्पणीकार गलत साबित हुआ था- क्या ईरान हमास नेता, हनीयेह की हत्या के बाद जवाबी कार्रवाई करेगा? इसका उत्तर इस बुनियादी समझ में निहित था कि ईरान में निर्णय लेने की प्रक्रिया कैसे होती है, एक ऐसा देश जो एक स्तर पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों से घिरा हुआ है और दूसरे स्तर पर एक पुरानी सभ्यता द्वारा प्रेरित महानता की अधूरी इच्छा से. मैं गलत साबित हुआ. अब मेरे और बाकी दुनिया के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान अमेरिकी-इजरायली गोलाबारी से तबाह हो जाएगा? और क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं? और क्यों?

मूल प्रश्न पर लौटते हुए कि ईरान की प्रतिक्रिया एक सुस्त और जटिल सैन्य शक्ति से पूरी तरह से एक ऐसी शक्ति में क्यों बदल गई जो इजरायल या अमेरिका को अपने ऊपर हावी नहीं होने देगी. हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या और लेबनान पर बेशर्मी से हवाई हमला एक महत्वपूर्ण मोड़ था. न केवल इजरायल ने (अमेरिकी सेना के खुले समर्थन के साथ) हिजबुल्लाह नेता के चारों ओर की सुरक्षा परतों को तोड़ दिया, बल्कि उन्होंने बहुत ही उन्नत एआई-संचालित निगरानी सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके उसकी उपस्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया, जो नसरल्लाह की उपस्थिति को उसके वफादारों को उसके पते के माध्यम से जियोलोकेशन करके पता लगा सकता था.

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि नसरल्लाह को उसके ठिकाने से बंकर बस्टर बमों के जरिए बम से उड़ा दिया गया, जो जमीन से 60 फीट नीचे था. नवीनतम रिपोर्ट्स कहती हैं कि उसका ठिकाना सुरक्षित था, लेकिन इमारतों को ध्वस्त करने के लिए बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल कैसे किया गया, इसने उसके रहने के क्वार्टर से ऑक्सीजन भी सोख ली. कुछ दिनों के लिए, इजराइल ने अरब जगत को यह स्पष्ट कर दिया कि वह ईरान और अन्य देशों को कमजोर करके मध्य पूर्व के नक्शे को फिर से व्यवस्थित करने के लिए तैयार है.

एक मुस्कुराते हुए इजराइली पीएम ने ईरानियों से इस प्राचीन भूमि पर शासन करने वाले शिया पादरियों को बाहर निकालने का आह्वान किया था. इसके बाद, राजधानी तेहरान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के उदारवादी नेतृत्व के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए, जिनकी हसन नसरल्लाह जैसे प्रमुख सहयोगियों की हत्या का बदला नहीं लेने के लिए आलोचना की गई थी. ईरानी लोग जल्दबाजी में कुछ नहीं करते. हालांकि वे अपमान को कभी नहीं भूलते, लेकिन वे अपने दुश्मन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने में अपना समय लेते हैं.

शायद वे इजराइल के प्रति जागरूक होने के कारण कार्रवाई करने में जल्दबाजी नहीं करते क्योंकि उन्हें पता था कि अमेरिका समर्थित इजराइल से जवाबी कार्रवाई से उन्हें कितना नुकसान हो सकता है. तख्तापलट या घरेलू उथल-पुथल बढ़ने के डर से, ईरानियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला किया. ईरान ने दावा किया कि उन्होंने 180 मिसाइलें भेजीं, जिनमें कुछ हाई-स्पीच हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल थीं. उनमें से कई अपने लक्ष्य को प्राप्त कर गए. विचित्र रूप से, केवल एक फिलिस्तीनी मारा गया और एक भी इजराइली नहीं मारा गया.

रिपोर्ट बताती है कि जिस हवाई अड्डे से F-35 ने उड़ान भरी थी, वह क्षतिग्रस्त हो गया. दूसरे शब्दों में, मिसाइल हमले ने अमेरिका और इजराइल को यह स्पष्ट कर दिया कि उनके दुश्मनों के पास उनकी योजनाओं को अस्थिर करने के लिए पर्याप्त गोलाबारी है. जबकि ईरानियों ने आगे बढ़कर यह उदाहरण पेश किया है कि वे क्या करने में सक्षम हैं, यह स्पष्ट है कि अगर उसके दुश्मन उसकी बेहतर आग और दिमागी शक्ति का सम्मान नहीं करते हैं, तो इजराइल के लिए शत्रुतापूर्ण पड़ोस में जीवित रहना मुश्किल होगा.

इजरायल क्या करेगा?

हसन नसरुल्लाह की हत्या के बाद अजेय दिख रहे इजरायली प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद गुस्से से उबल रहे थे. सैकड़ों मिसाइलों से वे बहुत हैरान थे. ऐसा लग रहा था कि उन्हें अपने पश्चिमी संरक्षकों से भरोसा था कि ईरानी अमेरिका और इजरायल को भड़काने के लिए कुछ नहीं करेंगे. सामने आई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हसन नसरुल्लाह इजरायल के साथ युद्ध विराम समझौते के लिए उत्सुक थे और यहां तक कि ईरान भी इसके खिलाफ नहीं था. या तो यह नसरुल्लाह को शांत करने के लिए एक लालच था ताकि हत्यारों को उनके जघन्य एजेंडे को अंजाम देने की अनुमति मिल सके या किसी और ने शांति प्रस्ताव को विफल कर दिया?

ऐसा लगता है कि अमेरिका और इजरायल दोनों ही हत्या में शामिल थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कोई तोड़फोड़ नहीं हुई थी और तेल अवीव आने वाले दिनों में वही कर सकता है जो करने की उम्मीद है- मध्य पूर्व के सभी कोनों पर बमबारी करने की अपनी धमकी को अंजाम दे सकता है. इस वादे को और भी बल मिलता है ईरान की ओर से जवाबी धमकी, जिसने पिछले मंगलवार को मिसाइलें भेजते समय अपने लक्ष्य चुनने में सावधानी बरती.

ईरान ने कहा है कि अगर इजरायल उसकी प्रचुर तेल और गैस रिफाइनरियों को निशाना बनाता है तो वह बहरीन, इराक, कुवैत आदि के पड़ोस में किसी भी असुरक्षित रिफाइनरी को नहीं छोड़ेगा. क्या अमेरिका और इजरायल ऐसा कर सकते हैं? ईरानियों ने यह भी दावा किया है कि वे पिछली बार की तुलना में इजरायल को अधिक मिसाइलें भेजेंगे.

कुछ विचित्र कारणों से, इजरायल सैन्य घुसपैठ के अपने दायरे को बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने न केवल गाजा पर हमला किया, बल्कि लेबनान में जमीनी सेना भी भेजी. अपनी पिछली रणनीति के अनुसार, हर बार जब इजरायल युद्ध में गया, तो उसने अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया और बड़ा हो गया.

उनके भूमि आक्रमण में साम्राज्यवादी विजय की गंध आ रही थी. ईरान ने इसे फिलहाल टाल दिया हो सकता है, लेकिन क्या इजरायल को अपने F-35 और स्टील्थ बॉम्बर्स को उन रिफाइनरियों और परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने से रोका जा सकता है, जिनके बारे में ईरान का आरोप है कि उनका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने के लिए किया जा रहा है?

यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस जैसे उसके सहयोगी देशों ने अमेरिका और इजरायल के साथ बमबारी करने में अनिच्छा दिखाई है. वे तेल अवीव को ईरान के खिलाफ हमला करने से रोक रहे हैं, लेकिन अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने तक युद्ध रुकने की संभावना नहीं है. अगर डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं, तो यूक्रेन के साथ-साथ मध्य पूर्व में भी युद्ध समाप्त हो जाएंगे. डेमोक्रेट्स की वापसी से हिंसा का दायरा और गहरा सकता है.

जैसा कि ऊपर बताया गया है, इजरायल रूस को नई और पुरानी दुश्मनी के इस दलदल में घसीटने की कोशिश कर रहा है. अगर रूस इस युद्ध में शामिल होता है, तो हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि यह कैसे होगा. कुछ लोग तीसरे विश्व युद्ध की भविष्यवाणी कर रहे हैं. क्या इस टकराव में तीसरा विश्व युद्ध होने की संभावना है? क्या नेतन्याहू का उदय एडॉल्फ हिटलर जैसा है जैसा कि ईरान कह रहा है या रूस और चीन को विश्व अर्थव्यवस्था को डॉलर से मुक्त करने से रोकने के लिए युद्ध की आवश्यकता है? इस भयावह बातचीत का एक अच्छा पहलू यह है कि तेल वायदा कारोबार से जुड़े लोग कह रहे हैं कि ईरान और इजरायल के बीच कोई युद्ध नहीं होगा, क्योंकि युद्ध की आशंका में तेल की कीमतें नहीं बढ़ रही हैं. कीमतें लगातार कम हो रही हैं.

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BRICS Summit 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में रूस के कजान में होने वाले 16वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तैयार हैं. इस समय दुनिया दो प्रमुख युद्धों से जूझ रही है – एक रूस-यूक्रेन युद्ध और दूसरा इज़राइल-हमास संघर्ष, जिसमें ईरान भी शामिल है. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति और उनके शांति-समर्थक दृष्टिकोण पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. BRICS शिखर सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की भागीदारी इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है, खासकर तब जब पीएम मोदी शांति और युद्ध विराम के लिए बार-बार आवाज उठाते रहे हैं.

पीएम मोदी की कूटनीतिक भूमिका
TOI की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी BRICS समूह के सदस्य देशों के नेताओं के साथ-साथ निमंत्रण पर आए अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले भी भारत ने वैश्विक मंच पर युद्ध विराम की बात की है और इसे समर्थन दिया है. यह सम्मेलन युद्ध से प्रभावित देशों के लिए एक मंच बन सकता है, जहां पीएम मोदी युद्ध विराम और शांति की बहाली की अपील कर सकते हैं.

युद्ध को रोकने के प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई है. उन्होंने दोनों पक्षों के नेताओं से बातचीत की और शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया. इसके अलावा, सितंबर 2023 में न्यूयॉर्क में फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने गाजा पट्टी में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की थी. पीएम मोदी का यह कूटनीतिक नजरिया उन्हें एक प्रमुख वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करता है, जो शांति और स्थिरता के लिए काम करते हैं.

युद्ध विराम पर भारत का नजरिया
भारत ने हमेशा वैश्विक शांति और युद्ध विराम का समर्थन किया है. पीएम मोदी की नीतियों का मुख्य उद्देश्य संघर्षों को समाप्त करना और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना रहा है. BRICS शिखर सम्मेलन में उनकी उपस्थिति इस दिशा में एक और कदम हो सकता है, जहां वह वैश्विक नेताओं से संवाद कर सकते हैं और युद्धग्रस्त देशों में युद्धविराम के लिए अपील कर सकते हैं.

वैश्विक नेतृत्व में भारत की भूमिका
PM मोदी की BRICS शिखर सम्मेलन में उपस्थिति भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है. इसके अलावा यह भी संकेत देती है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति स्थापना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. युद्ध और संघर्ष से प्रभावित देशों के बीच शांति की बहाली के लिए पीएम मोदी का दृष्टिकोण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक मिसाल बन सकता है.

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Curated Byयोगेंद्र मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम5 Oct 2024, 1:08 pm

इजरायल अपने एयर डिफेंस सिस्टम के कारण ही हर बार हमलों से बच पाता है। इजरायली मिसाइल डिफेंस सिस्टम ईरान, लेबनान और गाजा से आने वाले रॉकेट और मिसाइलों को ध्वस्त कर देता है। इजरायल के अलावा भी 4 देश हैं जिनका मिसाइल डिफेंस बेहद मजबूत है।

  • मिसाइल डिफेंस सिस्टम

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नई दिल्लीOct 24, 2024 / 05:06 pm

M I Zahir

UN Day special

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UN Day Special: दुनिया के कई देशों के समय समय पर युद्ध और संघर्ष चलते रहे हैं, कई देश और संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ (united nations ) से उम्मीद लगाते हैं, लेकिन वह कुछ नहीं करता है और वह खुद को निशक्त और अशक्त महसूस करता है। क्यों कि सुरक्षा परिषद ध्रुवीकृत है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीखे विभाजनों ने कई संघर्षों को हल होने से रोक दिया है (humanitarian aid)। एक ओर युद्धों की संख्या और तीव्रता बढ़ी है, और संघर्ष से संबंधित मौतें 28 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। वहीं सहायता कर्मियों पर हमले बढ़ते गए हैं। इस कारण सहायता कर्मियों और संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों पर हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है। वह​ किसी भी जंग (global conflicts) को रोकने या शांति कायम करने में नाकाम रहा है।

एक बहुत महंगी बहस करने वाली संस्था

विशेषज्ञों का कहना है कि​ संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक नागरिकों की रक्षा करने, युद्धविराम का समर्थन करने और संघर्ष के राजनीतिक तनाव (political tensions) कम करने और समाधान को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहित मानवीय सहायता प्रदान करता है। यह दावा भी किया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र विवादों को युद्ध में बदलने से रोकने के लिए काम करता है। अलबत्ता संयुक्त राष्ट्र सशस्त्र संघर्ष छिड़ने के बाद शांति बहाल करने में मदद करता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि​ संयुक्त राष्ट्र युद्ध से उबरे समाजों में स्थायी शांति को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र अक्सर बेकार और मोटे तौर पर एक बहुत महंगी बहस करने वाली संस्था के रूप में मौजूद है। इसके आदेशों को लागू करने के लिए कोई वास्तविक संसाधन नहीं होने के कारण, इसकी गतिविधियों में आम तौर पर अंतहीन विचार-विमर्श शामिल होता है, जिसके परिणामस्वरूप तथ्य के महीनों बाद दिए गए गैर-बाध्यकारी संकल्प होते हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं देता है।

इज़राइल, जंग और असहाय यूएन

इज़राइल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों (गाजा पट्टी और पश्चिमी तट) के बीच लंबे समय से विवाद है, जिसमें भूमि, आत्मनिर्णय और राजनीतिक अधिकारों को लेकर संघर्ष जारी है। इज़राइल और लेबनान के बीच हिज़्बुल्लाह के साथ सैन्य संघर्ष होते रहे हैं, जिसमें 2006 का युद्ध प्रमुख था। इज़राइल और सीरिया के बीच गोलान हाइट्स को लेकर विवाद है, जो 1967 के युद्ध में इज़राइल द्वारा कब्जा किया गया था। इज़राइल ने कभी-कभी इराक़ के साथ भी संघर्ष किया है, विशेषकर जब इराक़ के पास परमाणु कार्यक्रम था। इजराइल का ईरान के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और इसे समर्थित समूहों जैसे हिज़बुल्लाह और हमास के माध्यम से इज़राइल के खिलाफ गतिविधियों को लेकर तनाव कम नहीं हुआ है।

इज़राइली सीमाओं पर हमले


इन संघर्षों के अलावा, इज़राइल का कई अन्य देशों के साथ भी राजनीतिक और सैन्य तनाव हो सकता है, लेकिन उपरोक्त देशों के साथ संघर्ष अधिक प्रमुख हैं। इजराइल गाजा पट्टी में सक्रिय इस्लामी आतंकी संगठन हमास, जो इज़राइल के खिलाफ कई युद्ध और हमले कर चुका है। हिजबुल्लाह लेबनान आधारित शिया आतंकी समूह है, जो इज़राइल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता है और इज़राइली सीमाओं पर हमले करता है। इस्लामिक जिहाद भी एक आंतकी संगठन है, जो गाजा में सक्रिय है और इज़राइल के खिलाफ हमले करता है। फतह यद्यपि यह मुख्यधारा का राजनीतिक दल है, इसके कुछ तत्व हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। अल-कायदा का इज़राइल पर सीधा ध्यान नहीं है, लेकिन इसके समर्थक इज़राइल के खिलाफ हमले करने की कोशिश करते हैं।

रूस और यूक्रेन जंग में बेबसी

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 2014 से चल रहा है। असल में 24 फ़रवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला किया। इस हमले के बाद से, यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ा संघर्ष बन गया है। इस युद्ध के कारण कई हज़ार लोगों की मौत हुई है और शरणार्थी संकट भी पैदा हुआ है। अप्रेल 2014 में रूस और स्थानीय छद्म बलों ने यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया था। यूक्रेन की गरिमा की क्रांति के बाद रूस ने यूक्रेन से क्रीमिया पर कब्ज़ा कर लिया था। रूस ने यूक्रेन पर हमले की घोषणा करते हुए कहा था कि यूक्रेन परमाणु हथियार विकसित कर रहा है और यूक्रेन में नाटो की सेना और सैन्य बुनियादी ढांचा बना रहा है। वहीं 10 जून, 2023 को यूक्रेन ने रूस पर जवाबी हमला किया था।

उत्तर व दक्षिण कोरिया जंग

कोरियाई युद्ध (1950-53) का प्रारंभ 25 जून, 1950 को उत्तरी कोरिया से दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण के साथ हुआ। यह शीत युद्ध काल में लड़ा गया सबसे पहला और सबसे बड़ा संघर्ष था। एक तरफ़ उत्तर कोरिया था जिसका समर्थन कम्युनिस्ट सोवियत संघ तथा साम्यवादी चीन कर रहे थे, दूसरी तरफ़ दक्षिणी कोरिया था जिसकी रक्षा अमेरिका कर रहा था। यूएन कुछ न कर सका।

ईरान-इराक जंग और असहाय यूएन

ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) एक प्रमुख और लंबा संघर्ष था, जो ईरान और इराक के बीच हुआ। युद्ध की शुरुआत 1980 में इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन द्वारा ईरान के खिलाफ आक्रमण से हुई। मुख्य कारण क्षेत्रीय शक्ति संघर्ष, ईरानी इस्लामिक क्रांति का डर, और तेल संपत्तियों पर नियंत्रण था। युद्ध मुख्य रूप से खाई युद्ध की तरह था, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गोलाबारी की। इसमें रासायनिक हथियारों का भी उपयोग किया गया। इस युद्ध ने दोनों देशों में भारी जनहानि और आर्थिक तबाही की। अनुमानित रूप से, इस संघर्ष में लगभग 1 से 2 मिलियन लोग मारे गए। युद्ध 1988 में एक संघर्ष विराम के साथ समाप्त हुआ, लेकिन किसी भी पक्ष ने पूरी तरह से जीत नहीं हासिल की। युद्ध के बाद दोनों देशों को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान झेलना पड़ा।

अफ़ग़ानिस्तान युद्ध व नाटो की सेना

अफ़ग़ानिस्तानी चरमपंथी गुट तालिबान, अल कायदा और इनके सहायक संगठन एवं नाटो की सेना के बीच सन 2001 से चला। इस युद्ध का मकसद अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार को गिराकर वहाँ के इस्लामी चरमपंथियों को ख़त्म करना रहा।

यह कोई बड़ी राजनीतिक शक्ति नहीं

चर्चिल ने कहा, जबड़ा युद्ध से बेहतर है। यदि यह राष्ट्रों को निंदा करने का मौका देकर रक्तपात को रोकता है, तो यह सार्थक है – और हम शांति स्थापना और सहायता में संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं। विश्व शासन में यह कोई बड़ी राजनीतिक शक्ति नहीं है। अमेरिकन स्कॉलर कैनेथ ब्लूमक्विस्ट ( Kenneth Bloomquist)का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र का गठन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किया गया था (जैसे कि प्रथम विश्व युद्ध के बाद लीग ऑफ नेशंस) ताकि एक ऐसा मंच प्रदान किया जा सके जहां कूटनीतिक संवाद हो सके और समान विनाशकारी युद्धों के प्रारंभ को रोका जा सके। आदर्शवादी सिद्धांत यह था कि अगर हमें अपने समस्याओं पर चर्चा करने का एक मौका मिला, तो हमारे भीतर के अच्छे गुण प्रबल होंगे और संघर्ष को टाला जा सकेगा। वैश्विक समुदाय उन बुरे तत्वों को चिन्हित और शर्मिंदा कर सकेगा जो अनुपालन नहीं करते, और विश्व के राष्ट्र एक साथ मिलकर संघर्ष से बाहर निकल सकेंगे। यह निश्चित रूप से असफल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र सशक्त नहीं और जंग रोक नहीं पाता

बहरहाल संयुक्त राष्ट्र की अवधारणा में मुख्य संरचनात्मक समस्या यह है कि सभी राष्ट्र और उनके नेता नैतिक रूप से समकक्ष हैं, और इसलिए लोकतांत्रिक मानदंड जैसे मतदान और कूटनीति को वैधता प्राप्त होती है। यह पश्चिमी विचारों के खुले बहस और समझौते को आकर्षित करता है, लेकिन यह याद रखना चाहिए कि पूरी दुनिया पश्चिमी नहीं है। यह प्रणाली तब टूट जाती है जब आप यह समझते हैं कि विश्व के कई राष्ट्र ऐसे नेताओं द्वारा संचालित होते हैं जो किसी भी अर्थ में अन्य देशों के लिए नैतिक रूप से समकक्ष नहीं हैं। यूएन केवल, नियम, आचरण और अहिंसक की बात कह सकता है, वह सशक्त नहीं है और किसी भी देश को जंग से रोक नहीं पाता है।

Hindi News world America / UN Day Special: दुनिया में हो रहे युद्धों को रोकने में खुद को क्यों मजबूर महसूस करता है संयुक्त राष्ट्र संघ, जानिए

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जबलपुर

12 नवंबर की भी छुट्टी घोषित, बंद रहेंगे स्कूल और ऑफिस

dev uthani gyaras 12 नवंबर की भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। इस दिन स्कूल और ऑफिस बंद रहेंगे हालांकि बैंकों में अवकाश नहीं रहेगा, यहां सामान्य कामकाज होता रहेगा।

जबलपुरNov 04, 2024 / 08:50 am

deepak deewan

dev uthani gyaras

dev uthani gyaras

public holiday: दीपावली के मौके पर शुुरू हुआ छुट्टियों का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। दिवाली पर 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की लगातार 4 दिनों की छुट्टी के बाद अब 12 नवंबर का भी अवकाश घोषित हो गया है। यह अवकाश जबलपुर जिले में घोषित हुआ है। इस दिन जिलेभर के स्कूल और ऑफिस बंद रहेंगे हालांकि बैंकों में अवकाश नहीं रहेगा, यहां सामान्य कामकाज होता रहेगा।
जबलपुर में कलेक्टर दीपक सक्सेना (jabalpur collector deepak saxena) ने अपने जिले में 12 नवंबर का अवकाश घोषित किया है। जिले में देव प्रबोधिनी एकादशी यानि देवउठनी ग्यारस के मौके पर सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को यह सौगात दी गई है।
यह भी पढ़ें : एमपी में एक और दिन की छुट्टी मिली, सरकार ने 13 नवम्बर को घोषित किया अवकाश

कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश के अनुसार 12 नवंबर यानि मंगलवार के दिन जबलपुर जिले में देवउठनी ग्यारस की छुट्टी रहेगी। जबलपुर में साल 2024 का यह तीसरा स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इससे पहले कलेक्टर दो स्थानीय अवकाश घोषित कर चुके हैं।
dev uthni gyaras
जबलपुर कलेक्टर द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार जिले के बैंकों, कोषालयों, उपकोषालयोें को इस आदेश से मुक्त रखा गया है। यानि देवउठनी ग्यारस पर जिलेभर के स्कूल और सरकारी ऑफिस तो बंद र​हेंगे पर बैंकों, कोषालयों, उप कोषालयोें में सामान्य कामकाज होगा।

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मैनपुरी

खुशखबरी! यूपी के इन जिलों में 13 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित, जानें वजह

Public Holiday: उत्तर प्रदेश वालों के लिए अच्छी खबर है। दिवाली की लगातार छुट्टियों के बाद एक बार फिर छुट्टी का ऐलान हुआ है।

मैनपुरीNov 02, 2024 / 04:07 pm

Sanjana Singh

Good News

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Public Holiday on 13 November: उत्तर प्रदेश में दिवाली की छुट्टी के बाद फिर एक छुट्टी पड़ने वाली है। यह छुट्टी 13 नवंबर को है और प्रदेश के चुनिंदा जिलों में रहेगी। इस दिन बैंक, स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहेंगे। आइए जानते हैं कि 13 नवंबर की छुट्टी क्यों है…

13 नवंबर को होगा मतदान

दरअसल, उत्तर प्रदेश में फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल और कुंदरकी सीट पर मतदान होना है। यह मतदान 13 नवंबर को होगा। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने विधानसभा क्षेत्र कटेहरी (अंबेडकरनगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) में 13 अक्टूबर को अवकाश की घोषणा की है।
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चुनावी रण में कुल 69 प्रत्याशी

25 अक्टूबर तक 149 नामांकन पत्र दाखिल हुए, जिनमें मीरापुर में 34, कुंदरकी में 19, गाजियाबाद में 19, खैर में 16, करहल में 10, सीसामऊ में 11, फूलपुर में 19, कटेहरी में 14 तथा मझवां में 17 नामांकन पत्र दाखिल हुए। चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

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भोपाल

13 नवंबर को भी अवकाश मिलेगा, सार्वजनिक अवकाश घोषित

public holiday: एमपी में हो रहे दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को सार्वजनिक और सामान्य अवकाश घोषित किया गया है…।

भोपालNov 04, 2024 / 04:13 pm

deepak deewan

MP government holiday

MP government holiday

public holiday: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान के दिन 13 नवंबर का अवकाश घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश में इन दो जगहों पर उपचुनाव हो रहे हैं, लिहाजा दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डालने के लिए अवकाश घोषित किया गया है। इससे पहले दोनों विधानसभाओं में नाम निर्देशन पत्रों की वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। विजयपुर विधानसभा सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में है, वहीं सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट पर कुल 20 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
एमपी के श्योपुर जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रंमाक 02 -विजयपुर और सीहोर जिले के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 156 – बुधनी में 13 नवम्बर यानि बुधवार को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। विजयपुर और बुधनी विधानसभाओं में उपचुनाव के लिए 13 नवम्बर को मतदान होगा। मतगणना 23 नवम्बर को होगी।
यह भी पढ़ें : एमपी में डीए के बाद सेवानिवृत्ति की उम्र भी बढ़ाई, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान
विधानसभा उप निर्वाचन के तय कार्यक्रम अनुसार दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन पत्रों की वापसी की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हुई। नाम निर्देशन पत्र वापस लेने के अंतिम दिन विजयपुर में 1 और बुधनी में 3 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि अब विजयपुर में 11 और बुधनी में 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन उम्मीदवारों के शपथ पत्र सहित तमाम जानकारियां भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट की लिंक https://affidavit.eci.gov.in/ पर देखी जा सकती हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह के अनुसार दोनों ही विधानसभाओं में 13 नवम्बर को होने वाले मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विधानसभा उपचुनावों की मतगणना एक साथ 23 नवम्बर को होगी।

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.4 weeks ago

Amar Ujala
Isreal Killed Hamas Chief Yahya Sinwar:हमास चीफ सिनवार की मौत के बाद इस्राइल में जश्न| Hezbollah। IDF
वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Published by: मोहम्म

Israel Iran War: इजरायल ने किस तरह ईरान का खुफिया मिलिट्री बेस किया नेस्तेनाबूद? सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

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इजरायल ने ईरान पर किए गए हवाई हमले में एक सीक्रेट मिलिट्री बेस को निशाना बनाया था, जो पूर्व में ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का हिस्सा थी। दो अमेरिकी एक्सपर्ट ने ताजा सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के हवाले से ये दावा किया है। इसके अलावा एक अन्य अड्डे पर हमला किया गया, जो उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ा था। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व हथियार निरीक्षक डेविड अलब्राइट और वॉशिंगटन थिंक टैंक सीएनए के रिसर्च एनालिस्ट डेकर एवेलेथ ने अलग-अलग तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर ये दावे किए हैं।
NewsAuthored ByShuchita Jain TimesXP HindiUpdated: 28 Oct 2024, 5:34 pm

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द नूरुज्जमान Updated Fri, 18 Oct 2024 04:37 AM IST. Isreal Killed Hamas Chief Yahya Sinwar: Celebration in Israel after...
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Isreal Killed Hamas Chief Yahya Sinwar:हमास चीफ सिनवार की मौत के बाद इस्राइल में जश्न| Hezbollah। IDF

वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Published by: मोहम्मद नूरुज्जमान Updated Fri, 18 Oct 2024 04:37 AM IST
Isreal Killed Hamas Chief Yahya Sinwar:हमास चीफ सिनवार की मौत के बाद इस्राइल में जश्न| Hezbollah। IDF
 
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पाकिस्तान में गरजे जयशंकर, हर हाल में खत्म करना होगा आतंकवाद
Indian Foreign Minister S Jaishankar in Pakistan: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान गए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट शब्दों...
.3 weeks ago

TimesXP Hindi
Israel Iran War: इजरायल ने किस तरह ईरान का खुफिया मिलिट्री बेस किया नेस्तेनाबूद? सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा
इजरायल ने ईरान पर किए गए हवाई हमले में ए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति के लिए काम को तैयार

Oct 25, 2024
05:55 pm
क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ बातचीत के दौरान यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर चिंता जताई और शांति बहाली के लिए भारत के योगदान की बात कही।जर्मन चांसलर के साथ सातवें अंतर-सरकारी परामर्श के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष दोनों देशों के लिए चिंता का विषय हैं। भारत का हमेशा मानना है कि युद्ध समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।"

बयान

आगे क्या बोले मोदी?

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "भारत शांति बहाली के लिए हरसंभव योगदान को तैयार। मैं और ओलाफ इस बात पर सहमत हैं कि 20वीं सदी में स्थापित वैश्विक मंच 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए अपर्याप्त थे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। भारत-जर्मनी संबंध 2 सक्षम और मजबूत लोकतंत्रों के बीच परिवर्तनकारी साझेदारी है, न कि लेन-देन वाला रिश्ता है।"

ट्विटर पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेस को संबोधित किया

क सीक्रेट मिलि

भारत का सबसे जिगरी दोस्त दुनिया भर में मचा सकता है तबाही! अगर इस हथियार का हुआ इस्तेमाल तो मच जाएगा हाहाकार

Sohail Rahman • LAST UPDATED : November 3, 2024, 6:50 pm IST
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भारत का सबसे जिगरी दोस्त दुनिया भर में मचा सकता है तबाही! अगर इस हथियार का हुआ इस्तेमाल तो मच जाएगा हाहाकार

Nuclear Attack in 2025 ( परमाणु बम का इस्तेमाल कर सकता है रूस और उत्तर कोरिया!)

India News (इंडिया न्यूज), Nuclear Attack in 2025: दुनिया के अलग-अलग देशों में चल रहे युद्ध से विश्व को काफी नुकसान हो रहा है। रूस-यूक्रेन, इजरायल-हमास, इजरायल-हिजबुल्लाह, इजरायल-ईरान के बीच अभी जंग जारी है। अगर हम इजरायल की बात करें तो इजरायल के पास-पास अत्याधुनिक तकनीक के कई ऐसे हथियार हैं, जिससे वो अपने देश में बैठकर किसी भी दुश्मन को तबाह कर सकता है। लेबनान में हुए पेजर ब्लास्ट में हिजबुल्लाह के कई आतंकियों को इजरायल ने मौत की नींद सुला दिया था। जिसके बाद इजरायल की इस तकनीक को जानकर पूरी दुनिया दंग रह गई थी। ऐसे में दुनिया के सभी ताकतवर देश अपने हथियार को मजबूत करने में लगे हुए है। सभी अपने पास परमाणु बम रखने की भी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। 

किस चीज से पूरी दुनिया में मच सकती है तबाही

अगर किसी भी युद्ध में परमाणु बम का इस्तेमाल किया गया तो दुनिया में भारी तबाही मच सकती है। ऐसे में ये खबर आ रही है कि, रूस परमाणु बम का इस्तेमाल कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो दुनिया में भारी तबाही मच सकती है। रूस और उत्तर कोरिया दोनों ने ही आक्रामक रुख अपना लिया है। उनका ये रूप दुनिया में काफी तबाही मचाने वाला लग रहा है। हालात ऐसे हैं कि लगता है कोई नहीं जानता कि कौन सा देश कब परमाणु बम गिरा देगा। लोग सोच रहे थे कि अब किसी ने नाम का भी ऐलान कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस और उत्तर कोरिया ने युद्ध के लिए परमाणु बम तैयार कर रखा है। ट्री बेस को निशाना बनाया था, जो पूर्व में ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का हिस्सा थी। दो अमेरि

क्या तीसरा विश्व युद्ध होगा? क्या है न्यूक्लियर बंकर और दुनिया में क्यों बढ़ रही है डिमांड

मिडिल ईस्ट जंग के मुहाने पर खड़ा है। पहले और दूसरे विश्व युद्ध में दुनिया के बहुत से देशों ने हवाई हमलों से बचने के लिए बंकर बनाए थे। पहले विश्व युद्ध के दौरान हिटलर के घर में भी एक बंकर मौजूद था। इसी में रहते हुए हिटलर ने अप्रैल 1945 में खुदकुशी कर ली थी। उधर  इजरायल के हमास और लेबनान पर हमले और फिर ईरान के मिसाइल अटैक के बाद न्यूक्लियर बंकर की चर्चा तेज हो गई है। रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध में भी इसको लेकर काफी कुछ कहा जा रहा था। अपुष्ट खबरों में कहा गया कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने परिजनों को साइबेरिया के न्यूक्लियर बंकर्स में भेज दिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का परिवार भी बंकर में महफूज है। यह जगह परमाणु हमलों से पूरी तरह सुरक्षित है। आइए जानते हैं कि क्या होता है न्यूक्लियर बंकर और इसके अंदर क्या सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं?

क्यों हो रही है न्यूक्लियर बंकर की चर्चा

बंकर को एक तरह से जमीन के अंदर छोटा सा घर कह सकते हैं। अंग्रेजी में इसे डग हाउस भी कहा जाता है। यूरोप के देशों में बड़ी संख्या में बंकर बनाए गए हैं। पहले बंकर सिर्फ हवाई हमलों से सुरक्षा के लिए थे। लेकिन बदलते दौर में तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं के बीच केमिकल, एटम या हवाई हमलों से बचाने वाले न्यूक्लियर बंकर की बात होने लगी है। आधिकारिक रूप से तो किसी ने न्यूक्लियर बंकर बनाने की बात नहीं कही है लेकिन ऐसा माना जाता है कि एटमी हथियार रखने वाले ज्यादातर देशों ने बंकर्स बनाकर रखे हैं। वे इनका इस्तेमाल एटमी हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए भी करते हैं।

कैसे काम करता है न्यूक्लियर बंकर

जब कहीं पर परमाणु हमला होता है तो एक बड़ा धमाका होता है। कोई भी इसके सीधे संपर्क में आता है तो चंद सेकेंड के अंदर राख बन जाएगा, यानी उसे पता भी नहीं चलेगा। परमाणु हमले के बाद दस हजार डिग्री से ज्यादा तापमान हो जाता है। तेज गर्मी और रोशनी से सेकेंडों में झुलसकर मौत हो जाती है। इनका आफ्टर इफेक्ट और भी खतरनाक होता है। न्यूक्लियर रेडिएशन से कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। इनसे पैदा होने वाली रेडिएशन से बचाने के लिए जमीन के नीचे बने घर की तरह होते हैं। इनकी दीवारें मोटी कंक्रीट से बनी होती हैं, ताकि रेडिएशन उनके पास तक न पहुंच सके। बंकरों में ऑक्सीजन के साथ  ही खाने-पीने का पूरा इंतजाम रखा जाता है। परमाणु या केमिकल हमले की सूरत में कई दिनों या महीनों तक उसके अंदर रहना पड़ सकता है। रूस-अमेरिका के बीच चले कोल्ड वॉर के वक्त बड़ी संख्या में न्यूक्लियर बंकर बने थे। पिछले कुछ सालों के दौरान CBRN यानी केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर शेल्टर की डिमांड बढ़ रही है।

दिल्ली-एनसीआर में ऐसे बंकर मुहैया कराने का दावा

आज तक की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में कई ऐसी कंपनियां हैं, जो न्यूक्लियर बंकर की सेवाएं देने का दावा करती हैं। यही नहीं रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में ऐसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट आ चुके हैं, जहां बिल्डिंग के नीचे न्यूक्लियर बंकर बन रहे हैं। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक जब कंपनी से सवाल पूछा गया कि न्यूक्लियर वेपन से बचने बंकर बनवाना हो तो क्या मुमकिन है? इस पर जवाब मिला कि जैसे ही डिमांड बढ़ेगी, उसी हिसाब से मटीरियल भी महंगा होगा। न्यूक्लियर वेपन से बचने के लिए 16 एमएम मोटाई के बंकर का दावा किया गया। वहीं एक दूसरे सप्लायर का कहना था कि 16 एमएम बहुत ज्यादा है, 5 एमएम से भी काम चल जाएगा, क्योंकि दिल्ली पर कौन सा हवाई हमला होना है। बस हवा बनाकर महंगे दाम बताए जा रहे हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे बंकरों के अंदर थर्मोकोल इन्सुलेशन होगा। स्टील और कंक्रीट मटीरियल होगा।

कितनी कीमत, क्या-क्या इंतजाम?

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक जिस कंपनी से बात हुई, उसने पहला न्यूक्लियर बंकर 2021 में बेचा था। ऐसे न्यूक्लियर बंकरों की कीमत सवा करोड़ से लेकर 10 करोड़ रुपये के बीच बताई गई। इसके अंदर मडरूम, ब्लास्ट प्रूफ दरवाजे, रसोई, एयर फिल्टर और इंटरनल लाइट का इंतजाम करने का दावा कंपनी ने किया। रिपोर्ट के मुताबिक प्रीमियर कैटेगरी में प्लंज पूल, इंडोर स्पोर्ट एरिया, वेपन रूम और जिम जैसी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं साग-सब्जी के लिए हाइड्रोपोनिक्स लैब भी न्यूक्लियर बंकर के अंदर होगी। संचार के लिए सैटेलाइट और वायर्ड रेडियो की व्यवस्था रखी जाएगी। एक बुलेटप्रूफ वॉल सप्लायर और सेफ हाउस मैन्युफैक्चर ने दो दर्जन लोगों के रहने लायक कंटनेर का खर्च ढाई करोड़ रुपये बताया। वहीं 15 लोगों के रहने लायक डॉरमेट्री के लिए चार करोड़ रुपये तक का खर्च बताया गया।

प्रदूषण जैसे युद्ध कॉमन हो रहा इसलिए सेफ्टी फर्स्ट’  

आज तक की रिपोर्टर ने ऐसी एक कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें न्यूक्लियर बेसमेंट वाले प्रोजेक्ट की साइट पर ले जाकर जो दिखाया गया वह हैरान करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदूषण की तरह युद्ध के कॉमन होने का हवाला देते हुए इसकी डिमांड की दलील दी गई। कहा गया कि क्लाइंट अब लग्जरी फर्स्ट की बजाए सेफ्टी फर्स्ट की मांग करते हैं। रिपोर्टर को स्क्रीन पर एक शेल्टर की डिजाइन दिखाई जाती है और बताया जाता है कि 120 फ्लैट वाली बिल्डिंग में औसतन पांच सौ लोग ऐसे न्यूक्लिर बंकर में रह सकते हैं। न्यूक्लियर बेसमेंट में स्टोरेज और बाकी चीजों की रूटीन चेकिंग का दावा किया गया। दस साल के लिए यह फ्री ऑफ कास्ट होगा, ऐसा रिपोर्टर से बातचीत में कहा गया।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

आज तक की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सपर्ट से इसको लेकर राय पूछी गई तो ऐसे दावों को खारिज किया गया। दिल्ली के एक रिटायर्ड आईपीएस का कहना था कि ऐसे बंकर कितने सुरक्षित हो सकते हैं, इसका टेस्ट करने का कोई तरीका तो मार्केट में है नहीं, फिर जान चली जाती है तो क्लेम करने के लिए तो आएंगे नहीं। उनका कहना था कि देश में या दिल्ली में ऐसे बंकर सिर्फ वीवीआईपी के पास हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आम जनता के लिए क्या है? एक्सपर्ट के मुताबिक न्यूक्लियर अटैक में ये सब बेकार हैं। इतना तेज शॉक और रेडिएशन होगा कि बचने की कोई संभावना ही नहीं होगी। न्यूक्लियर हमलों से बचाव के लिए मोटे स्टील और कंक्रीट का खास बंकर होना चाहिए, जो जमीन के अंदर हो।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी थी मांग    

यूरोप से अमेरिका तक ऐसे बंकरों की डिमांड बढ़ी है। टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक बंकर बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि जर्मनी, स्विटजरलैंड, फ्रांस और UK के नागरिक न्यूक्लियर बंकर खरीदने के साथ ही उनके निर्माण से जुड़ी जानकारियां मांग रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान इसमें उछाल देखा गया था। रूस ने पश्चिमी देशों को न्यूक्लियर अटैक की चेतावनी दी थी। ऐसे में यूरोप और अमेरिका में इस बात का डर था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु हमला करवा सकते हैं। दो साल पहले स्विटजरलैंड में न्यूक्लियर बंकर बनाने और रिपेयर करने वाली एक कंपनी का कहना था कि मार्च 2022 में लोग काफी डरे हुए थे। उनकी ओर से फौरन मदद की मांग हो रही थी। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद डिमांड तेजी से बढ़ी। वहीं यूके की एक फर्म का दावा था कि बंकर की डिमांड 2021 के मुकाबले 2022 में दोगुनी हो गई। जर्मनी की एक कंपनी के मुताबिक उनके देश में 599 पब्लिक शेल्टर हैं। इनको अपग्रेड करने का तरीका खोजा जा रहा है।

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की एक्सपर्ट ने ताजा सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के हवाले से ये दावा किया है।
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NewsBytes
नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को लेकर कही बड़ी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जर्मनी के चांसलर 
ईरान @इजराइल @रूस पूतिन @अमेरिका ओलाफ स्कोल्ज के साथ बातचीत के दौरान यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर चिंता जताई और शांति बहाली के लिए भारत के योगदान की बात कही।
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India News
Ballistic की तैनाती, Iran की नई Missile Shield, Pak: 4 मरे, युद्ध नहीं रुकेगा, वर्ल्ड इस्लामी गठबंधन ... Israel Iran War : इजराइल ने एक साथ हमास और हिज्बुल्लाह पर किया हमला | Netanyahu | ...
Missing: रूस ‎यूक्रेन
... भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल ... LIVE · Go to channel · Big Breaking in Israel Iran War LIVE: ईरान-इजरायल युद्ध पर अमेरिका ने कर दिया तगड़ा खेला?
Missing: रूस ‎यूक्रेन ‎हमास
1 day ago — रूस-यूक्रेन संघर्ष में कूटनीति की वापसी के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए, क्योंकि वैश्विक दक्षिण के 125 देश इस युद्ध के संकट और दर्द को महसूस कर रहे हैं। शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयासों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी की ...
Missing: इजरायल ‎पाकिस्तान
Israel Iran War LIVE | ईरान में एक साथ घुसे 1000 तोप, तबाह हुए 3 शहर | Netanyahu | Missile Attack #war #israel #iran #missileattack #live Hindi News Live | news18 ...
Missing: हमास ‎| Show results with: हमास
1 day ago — इजरायल के आंकड़ों के अनुसार, यह युद्ध तब शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने इजरायल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 बंधकों को वापस गाजा ले जाया गया। इजरायल के जवाबी ...
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2 days ago — ईरान पर इजरायल के हमले के बाद रूसी वायुरक्षा प्रणालियों पर भी सवाल उठा है। ... ईरान के अलावा यूक्रेन के साथ युद्ध में भी रूसी सैन्य उपकरण लगातार क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
2 days ago — इजराइल और हमास के बीच युद्ध · 12 घंटे पहले. निवासियों ने बताया कि यहूदी प्रवासियों ने सोमवार को रामल्लाह के बाहरी इलाके में फिलिस्तीनी संपत्ति पर हमला कर 20 कारों को आग के हवाले कर दिया। · 10 घंटे पहले · 13 घंटे पहले · 11 घंटे ...
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Missing: पाकिस्तान ‎| Show results with: पाकिस्तान
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध में उत्तर कोरिया ने अपने एलीट सैनिकों को तैनात किया है। इस बीच यूक्रेन ने कहा है कि उसने उत्तर कोरिया के 40 सैनिकों को मार दिया है।
6 days ago — बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 1 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया। दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे अधिक व्यापार है। यूक्रेन युद्ध के बाद ...
Israel Iran War LIVE : ईरान का ऑपरेशन बदलापुर | Neyanyahu | Khamenei | Israeli strikes | Hamas · News18 India · Russia Ukraine War : किम की 'क़ुतुब मीनार' मिसाइल हमले को तैयार?
Russia Ukraine War : किम जोंग ने रूस भेजे हज़ारों सैनिक, जेलेंस्की की उड़ी नींद | Putin |Kim Jong Un नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने रूस की मदद करते हुए यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में अपने हजारों सैनिक भेजे हैं ...
2 days ago — रक्षामंत्री ने कहा कि ड्रोन, लेजर युद्ध, साइबर युद्ध, सटीक निर्देशित म ...
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5 hours ago — इजराइल-हमास युद्ध · राजनीतिक · बेंजामिन नेतन्याहू · योआव गैलेंट · सैन्य · हर्ज़ी हलेवी · यारोन फिंकेलमैन · टोमर बार.
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Israel VS Iran Big War Update : ईरान के बाद एक और मुस्लिम देश तबाह! | Netanuahu | Hamas | LIVE Iran Israel War : ईरान ने कहा है कि इज़राइल के हमले के बाद उसके पास आत्मरक्षा का अधिकार ...
33 minutes ago — यूक्रेन-रूस से लेकर इजरायल-हमास के बीच इंडिया कैसे बना 'शांतिदूत' ... क्या है पुतिन की वो 'कसम', जिसे जेलेंस्की ने माना तो आज ही खत्म हो जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध?
Israel Attack Iran Live: Israel Hamas War | Gaza | 01 November 2024 | Lebanon | Hezbollah | Breaking ; LIVE · Republic Bharat · 914 watching ; LIVE · News18 Bihar ...
6 hours ago — भारत और रूस के बीच संबंधों के इतिहास और वर्तमान स्थिति, इसके भू-राजनीतिक महत्व, व्यापार और रक्षा सहयोग के महत्व और यूक्रेन में युद्ध के प्रभाव की व्याख्या करना। 17 अक्टूबर 2024 6 मिनट पढ़ें.
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Comments14 · Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध में आज फैसले की घड़ी! · भारत ने मार गिराया लडाकू विमान पाकिस्तान को दुश्मनी पड़ गई महंगी ankit awasthi sir · Full & Final : Kim jong un की हत्या का ...
5 days ago — तुर्की भूकंप, श्रीलंका आर्थिक संकट, यूक्रेन-रूस युद्ध, इज़राइल-हमास जंग की ग्राउंड रिपोर्टिंग हालिया उदारहण हैं. ... भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बातचीत हुई, पाक मीडिया का दावा.
19 minutes ago — ट्रंप और हैरिस के साथ जेलेंस्की. अमेरिका के अगले राष्ट्रपति यूक्रेन युद्ध पर क्या असर डाल सकते हैं?- दुनिया जहान ... न्यूज़ीलैंड ने टेस्ट सिरीज़ की क्लीन स्वीप, भारत के खिलाड़ियों की हो रही खिंचाई.
इजराइल ईरान से देखिए डर गया/SHAMBHU ON ISRAEL IRAN AND HIJBULLA HAMAS HUTHI. 166K views · 12 hours ago #nationaldastak #shambhukumarsingh #israelvspalestine
Missing: युद्ध ‎पाकिस्तान
Super Prime Time : ईरान पर इजरायल के हमले का बदला कैसा होगा...ईरान कितनी ताकत से प्रहार करेगा । इन अटकलों के बीच अमेरिका को सीक्रेट जानकारी मिल गई है । रिपोर्ट के मुताबिक ईरान 4 हजार मिसाइलों से इजरायल को ...
3 days ago — इजराइल-हमास युद्ध पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ · 7 अक्टूबर 2023 को, गाजा-इज़राइल संघर्ष का एक बड़ा विस्तार इज़राइल के खिलाफ कई फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों द्वारा समन्वित हमले के साथ शुरू हुआ। · कई देशों ने युद्ध विराम और तनाव ...
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5 hours ago — रूस-यूक्रेन युद्ध: प्रमुख घटनाओं की सूची, दिन 983 ... 100 से अधिक कर्मचारियों ने बीबीसी पर गाजा में इजरायल के युद्ध की कवरेज में पक्षपात का आरोप लगाया.
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12 hours ago — 2024 के दो सबसे विभाजनकारी संघर्ष, यूक्रेन में रूस का युद्ध और ग़ज़ा में इज़राइल और हमास ... भू-राजनीतिक मुश्किलों और आर्थिक मंदी के बीच, वैश्विक विकास के क्षेत्र में अग्रणी बना भारत!
6 days ago — अमेरिका ने यूक्रेन में युद्ध के दौरान रूसी सैन्य प्रयासों का 'समर्थन' करने के लिए लगभग 400 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं - जिनमें 21 भारत के हैं। लाइवमिंट. 2 नवंबर 2024, 03:41 PM IST पर प्रकाशित. Smoke ...
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Israel Hamas War: लंदन से पेरिस तक 'ऐटमी सायरन'? 10 मिसाइल ब्लास्ट, अमेरिका साफ़? | N18G रूस ने यूक्रेन के एक और शहर सेलीदोव पर क़ब्ज़ा कर लिया है...लेकिन इस क़ब्ज़े के ऐलान से पहले पुतिन ने NATO की ...
14 hours ago — पिछड़े वर्ग के नेता आर कृष्णैया की ओर से दायर याचिका पर उच्च न्यायालय ने व्यवस्था देते हुए कहा था कि सरकार दो सप्ताह में अनिवार्य रूप से आयोग का गठन करे। न्यायालय ने कहा था कि वर्तमान तेलंगाना पिछड़ा वर्ग आयोग को यह जिम्मेदारी देने ...
6 days ago — एक तरफ रूस और यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, तो दूसरी तरफ इजरायल हिज्बुल्लाह और हमास से युद्ध के नाम पर लेबनान और गाजा पर हमले कर रहा है. ऐसे में मुस्लिम नाटो जैसा संगठन बन गया, तो क्या वो इजरायल को रोक लेगा?
हाल के दिनों में हमने पढ़ाकू नितिन में इज़राइल-हमास युद्ध पर चर्चा की, जिसे आप सभी ने सराहा और अपनी कुछ नाराज़गी भी जाहिर की. आज एक बार फिर इसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं. युद्ध की समाप्ति के कोई साफ संकेत नहीं हैं; ...
Missing: रूस ‎यूक्रेन
7 days ago — US और चीन भी नहीं रुकवा पाएंगे रूस-यूक्रेन युद्ध? 'पुतिन और जेलेंस्की से बात करने के लिए भारत ही...', जर्मनी के राजदूत का दावा · विश्व. रूस पर फिर दहाड़ा यूक्रेन, जेलेंस्की ने मॉस्को के पास रात भर की बमबारी;. 6 Photos.
46 minutes ago — यूक्रेन युद्ध में किम जोंग की एंट्री ने यूरोप से US तक की उड़ाई नींद, भारत के मित्र देश को क्यों टेंशन.
उन्होंने हमास और इजरायल के बीच जारी जंग को लेकर कहा कि अगर मैं राष्ट्रपति होता तो 7 अक्टूबर जैसे हालात कभी पैदा नहीं होते. मैं तीसरे विश्व युद्ध को होने से रोकूंगा.हमास के चरमपंथियों ने सात अक्टूबर 2023 को इजराइल ...
4 days ago — Iran Israel War: क्या मिडिल ईस्ट का संघर्ष एक बड़े युद्ध में बदलने वाला है? क्या ईरान और इजराइल सीधे तौर पर जंग करने वाले हैं और क्या दुनिया एक बार फिर दो गुटों में बंटने वाली है? ये सारे सवाल इसलिए क्योंकि ईरान एक ...
Saudi Big War Against Israel LIVE : सऊदी ने इजरायल के खिलाफ कर दी बगावत, छेड़ी जंग!| ... Russia Ukraine War Update Today: और भी घातक हुआ यूक्रेन-रूस युद्ध! | ...
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5 hours ago — ट्रेंडिंग सूडान भारत इजराइल/फिलिस्तीन रूस-यूक्रेन युद्ध टिग्रे संघर्ष. कृपया मानव ...
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17 hours ago — अधिक समाचार पढ़ें · गाजा हवाई हमले · इजराइल हमास संघर्ष · फ़िलिस्तीनी हताहत · डब्ल्यूएचओ का बयान · इज़रायली सैन्य कार्रवाइयां · पोलियो टीकाकरण गाजा · जातीय सफ़ाई गाजा · युद्ध विराम इजराइल हमास · कमल अदवान अस्पताल · विश्व ...
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5 days ago — क्या समय अभी भी रूस के पक्ष में है? अरनॉड डुबिएन , अक्टूबर 2024. रूस की अर्थव्यवस्था और उसके लोगों ने यूक्रेन युद्ध का पूर्वानुमान से बेहतर सामना किया है, लेकिन लचीलेपन की अपनी सीमाएँ हैं। हालाँकि अभी भी यह दावा करते हुए कि ' ...
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... इजराइल के हमले का हर संभव तरीके से हम जवाब देंगे जैसा हमला वैसा ही जवाब मिलेगा। ईरान पर हमले को लेकर नितन्याहू ने कहा मौत की फैक्टरियों को बनाया गया निशाना इजराइल को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाई गई थी फैक्ट्रियां। ईरान पर ...
4 hours ago — रूस ने यूक्रेन में लगभग 100 ड्रोन भेजे, जबकि ... इजराइल-हमास युद्ध में. रुचि जोड़ें.
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5 days ago — यूक्रेन-रूस युद्ध · इजराइल-हमास युद्ध ... 3 नवंबर 2024 को लाहौर में धुंध के बीच रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते. आरिफ अली/एएफपी/गेटी इमेजेज. पाकिस्तान प्रांत ने भारत ...
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11 hours ago — गौरतलब है कि युद्ध के समय के उपाय के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले एलियन एनिमीज़ एक्ट का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डेलानो रूजवेल्ट ने पर्ल हार्बर पर बमबारी के बाद इसे लागू किया था, ताकि ...
3 hours ago — अफ्रीका · अमेरिका की · एशिया प्रशांत · चीन · यूरोप · भारत · इजराइल और हमास के बीच युद्ध · जापान · मध्य पूर्व · यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध · यूनाइटेड किंगडम · संयुक्त राज्य अमेरिका · रॉयटर्स अगला.
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5 days ago — ब्रिक्स देशों में शामिल होने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान अब रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने में जुट गया है. ... रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की भारत ...
5 days ago — रूस-यूक्रेन युद्ध में होगा. ग्लोबल चश्मा · उत्तर कोरिया ने कई हजार सैनिकों को भेजा रूस ! रूस-यूक्रेन युद्ध में होगा बड़ा खेल ! 20 Oct 2024 07:23 PM · इजरायल ने हमास चीफ को मार गिराया, ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम.
6 hours ago — PMModi #IsraelPalestine #MahmoudAbbas Prime Minister Narendra Modi ने Palestinian President Mahmoud Abbas से न्यूयॉर्क में मुलाकात की और Gaza में मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त ...
16 hours ago — यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब गाजा में इजरायल का हमास के खिलाफ युद्ध और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध चल रहा है। हमास को संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
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3 days ago — इजरायल के साथ युद्ध खत्म करने के लिये तैयार हुआ हमास, लेकिन सामने रख दी एक शर्त.
3 days ago — Security Service of Ukraine claims same drones. पारंपरिक नौसेना के अभाव के बावजूद, यूक्रेन मिसाइल हमलों और ड्रोन युद्ध के संयोजन से रूसी नौसैनिक जहाजों को काला सागर से बाहर खदेड़ने में कामयाब रहा है।
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Israel Iran War: ईरान छोड़ेगा नहीं? टारगेट पर इज़राइल के परमाणु ठिकाने? | Ali Khamenei | News18India. 19K views · 12 hours ago #iranattackonisrael #israellebanonconflict # ...
BBC News हिन्दी 󱢏. 4m󰞋󱟠. 󰟝. अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस को मदद पहुँचाने वाली चार भारतीय कंपनियों पर पाबंदी भी लगा दी है. इस बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने अपने अमेरिकी समकक्ष से बात भी की है.
2 days ago — इसके अलावा कसाब गाजा में अन्य गुटों के साथ संगठन के रणनीतिक और सामरिक संबंधों के लिए जिम्मेदार था। उस पर इजरायल के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम देने का निर्देश देने की जिम्मेदारी थी। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भीषण युद्ध जारी है।
4 days ago — रूस और यूक्रेन युद्ध (Russia and Ukraine war) दो साल से अधिक का समय जारी है। इसके थमने का फिलहाल कोई आसार नहीं दिखाई दे रहा है। इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Ukrainian President Volodymyr ...
4 days ago — उन्होंने कहा कि जो लोग दावा कर रहे हैं कि 7 अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए हमलों के कारण इजरायल को युद्ध के लिए उकसाया गया था, वे फिलिस्तीनियों के साथ सालों से हो रहे अत्याचार को भूल रहे हैं। नईम कासिम ने आगे कहा,”हमारे ...
5 days ago — Afghan Embassy in Delhi: अफगानिस्तान ने भारत ... यूक्रेन के हमले में रूसी एक्ट्रेस की मौत, मिसाइल की चपेट में आया लाइव शो · World · Russian actress Polina Menshikh · Watch Video: इजरायल ने खोजा ...
9 hours ago — इजरायल पर हमास के हमले के बाद फिलिस्तीन और इजरायल के बीच युद्ध छिड़ गया है. दोनों तरफ से रॉकेट दागे गए. इजराइल बीते कुछ दिनों से गाजा पर लगातार हमले कर रहा था. लेकिन 8 अक्टूबर, रविवार को दोनों ने संघर्ष विराम पर ...
2 days ago — यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत माना जाता है। महंगाई से मिली राहत के लिए मोदी सरकार की नीतियों की तारीफ की जा रही है। कोरोना महामारी, हमासइजरायल संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध की ...
2 days ago — शुक्रवार को भी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संसदीय कमेटी को इजरायल-हमास युद्ध को लेकर भारत का पक्ष साझा किया. ... war Pakistan PM Modi Putin Russia Russia Ukraine war Ukraine war Zelensky ...
6 days ago — उत्तर कोरिया ने कई हजार सैनिकों को भेजा रूस ! रूस-यूक्रेन युद्ध में होगा बड़ा खेल ! 20 Oct 2024 07:23 PM · इजरायल ने हमास चीफ को मार गिराया, ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम.
3 days ago — रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए की ... इजरायल गाजा में लगातार हमास के आतंकियों को निशाना बना रहा है।
4 days ago — तेल अवीव: फिलिस्तीनी गुट हमास (Palestinian group Hamas) ने कहा है कि वह गाजा (Gaza) में पूरी तरह से लड़ाई रोके जाने और इजरायली बलों (Israeli Forces) की वापसी की मांग पर कायम है। हमास (Hamas) ने ...
6 days ago — हिजबुल्लाह ने अपने नए नेता का चुनाव कर लिया है। डिप्टी सेक्रेटरी नईम कासिम को हसन नसरल्लाह के उत्तराधिकारी के रूप में चुना गया है। हसन नसरल्लाह इजरायल के हमले में मारा गया था।
इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई लगातार बढ़ती जा रही है। अब अमेरिका भी इसमें कूद पड़ा है और उसने ईजरायल के समर्थन में मिडिल ईस्ट में अपना बी-52 बमवर्षक तैनात कर दिया है। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ...
5 days ago — लेबनान में इजरायली टैंक खियाम गांव के बाहरी इलाके में घुस गए हैं। वहीं गाजा में मंगलवार को एक रिहायशी इलाकों पर इजरायली हवाई हमले में लगभग 100 लोग मारे गए। यहां पढ़ें ईरान-इजरायल युद्ध से जुड़ी सभी अपडेट्स ...
... भारत माँ को अपनी माँ मानते हैं। हाँ उन ... रूस के मॉस्को की खबर अगली खबर है जहाँ पर ...
4 days ago — पिछले साल अक्तूबर से चल रहे इजरायल-हमास युद्ध पर विराम लगने के संकेत मिलने लगे हैं। ... यूक्रेन-रूस के बीच करीब ढाई साल से चल रहे युद्ध ...
2 days ago — बंधकों के मुद्दे पर अड़ गयी है इजरायल की सरकार काहिराः एक वरिष्ठ हमास अधिकारी ने मंगलवार को फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह गाजा युद्ध को समाप्त… अधिक पढ़ें... इंडोनेशिया. इंडोनेशिया भारत से चावल आयात करेगा · Rajat Kumar Gupta ...
... युद्ध में मारे गए हैं या कि इन्हें हमास ने मार दिया है । ... अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस को ...
1 day ago — गाजा पट्टी और लेबनान में पहले से युद्ध चल रहा है. दोनों जगह इजरायल ने भारी तबाही मचाई है यह जानते हुए भी ईरान अमेरिका की धमकी के बाद भी लगातार धमकी दे रहा है.
1 day ago — नई दिल्ली: इजरायल हमास का युद्ध पिछले एक साल से चल रहा है। लेकिन इस युद्ध में संभवतः इजरायल को... दुनिया · चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सप्ताहांत में रूस की यात्रा करेंगे, पुतिन ने किया आमंत्रित.
2 days ago — डब्ल्यूएचओ: पोलियो टीकाकरण के लिए मानवीय संघर्ष विराम समझौते के बावजूद इजरायल ने उत्तरी गाजा में स्वास्थ्य केंद्र पर बमबारी की. जानें और नवीनतम समाचार और वेबसाइट और मोबाइल अनुप्रयोगों पर एक इंटरेक्टिव मानचित्र की मदद से ...
6 days ago — सम्मेलन का मेजबान देश रूस जो खुद यूक्रेन के साथ पिछले ढाई साल से अधिक समय से युद्ध में उलझा हुआ है। दूसरी ओर पश्चिमी एशिया क्षेत्र में पिछले एक साल से इजराइल-हमास के बीच जंग जारी है। ... मगर भारत के ...
23 hours ago — कीव । यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने सहयोगी देशों से रूस में तैनात उत्तर कोरियाई सैनिकों के युद्ध के मैदान में पहुंचने से पहले आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। जेलेंस्की ने उन शिविरों पर यूक्रेनी हमले की संभावना जताई, ...
3 days ago — अमेरिका ने यूक्रेन में रूस के युद्ध ... हमास के हमले के एक साल होने के मौके पर हिजबुल्लाह ने इजरायल के तीसरे ...
आरोप ये है कि इन कंपनियों ने रूस को ऐसी सामग्री और तकनीक दी है जो रूस के हथियार बनाने और यूक्रेन पर चल रहे युद्ध में मदद कर रही है जिससे यूक्रेन में स्थिति और भी गंभीर हो रही है। दोस्तों अमेरिका के इस कदम से भारत और अमेरिका ...
Muslim NATO: इजरायल अगर आज एक साथ हिज्बुल्लाह, हमास और ईरान को ललकार है, उनपे हमला तक कर रहा ... Israel Iran War : इजरायल और ईरान जंग मेंकूदा पाकिस्तानयुद्ध के लिए ठहराया नेतन्याहू को जिम्मेदार.?
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2 hours ago — सन 1948 से निरंतर संचालित। साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य" की यात्रा स्वातंत्रयोत्तर ध्येय समर्पित और आदर्शवादी पत्रकारिता के संघर्ष की यशोगाथा है।
2 days ago — दोनों ओर से कोई अन्य हमला इस मंगलवार को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले पश्चिम एशिया को व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में उलझा सकता है, जो पहले से ही गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध और लेबनान में हिज्बुल्ला के खिलाफ ...
4 days ago — पाक ने लगाई ड्रैगन की गुलामी की मुहर; चीन से की यह गुपचुप डील, क्यों भारत के लिए खतरा… गले तक कर्ज में डूबे पाकिस्तान ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि वह चीन के अहसानों तले… Read More » · रूस-यूक्रेन जंग के बीच ...
7 days ago — इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से दोनों को हिदायत भी दी गई है। अपील की गई कि इस युद्ध को रोक दिया जाए। इसे भी पढ़ें: ईरान की सेना ने गाजा और लेबनान में संघर्षविराम का सुझाव दिया.
4 days ago — संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के अवर महासचिव ने कहा कि पिछले वर्ष 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल में हमास के नरसंहार से शुरू हुए युद्ध को एक वर्ष से अधिक समय हो गया है. आज जैसे हालात हैं यक़ीनन गाजा की आबादी 'विनाशकारी ...
Cold War शीत युद्ध - दुनिया का इतिहास जानिये || शीट युद्ध क्या है क्या यह अभी भी चल रहा है.? 27K views · 16 hours ago #coldwar #america #russia ...more ...
2 days ago — हमास अब युद्ध समाप्ति के पक्ष में ... बिगड़े कूटनीतिक रिश्तों के बीच ही भारत और पाकिस्तान की सहमति राष्ट्रीय खबर नईदिल्लीः भारत और पाकिस्तान ने मंगलवार को भारत से…
5 days ago — ... 08 मार्च 2024. अगर अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी हो जाती है तो पार्टी का प्लान बी क्या है और ये भी बताएंगे और कांग्रेस ने रायबरेली और अमेठी के लिए क्या सोचा है, CBI ने कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीयों के भेज रहे ...
Super Prime Time Full Show :इजरायल-ईरान में जंग परमाणु युद्ध में बदल सकता है। इजरायली सेनाप्रमुख ने लगातार तीसरे दिन चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने इजरायल पर हमला किया, तो इसका परिणाम बहुत भयावह होगा।
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6 days ago — रूस-यूक्रेन के साथ-साथ ईरान-इजरायल का युद्ध भी होगा खत्म ! पीएम मोदी तैयार कर चुके हैं प्लान · इजरायल और ईरान में जंग चल रही है. इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ...
5 days ago — वॉशिंगटन चीन और रूस की सैटेलाइट को युद्ध के दौरान जाम करने के लिए बनाए गए हथियार की तकनीकी खामियों ... Read More · इजरायल फिलहाल लेबनान और गाजा में हमले कर रहा है, एक गलती पर 1000 मिसाइलें दागेगा ईरान.
PM Modi in Gujarat: Iran-Israel युद्ध परक्या बोले पीएम मोदी? | Sardar Vallabhbhai Patel. 5.2K views · 12 hours ago #pmmodi #sardarvallabhbhaipatel #amitshah ...more ...
5 days ago — Sitemap · Haryana · Health · Lifestyle · Madhya-Pradesh · New-Delhi · Pakistan · accident · aviation.
2 days ago — ये कई साल चलता रहा लेकिन बीते साल अक्टूबर में इजरायल पर हमास के हमले के बाद हाइब्रिड युद्ध का युग खत्म हो गया और गाजा में छिड़ी लड़ाई ने एक अलग तरह की स्थिति पैदा कर दी। ईरान के लिए रेड लाइन क्या है?
5 days ago — इजरायल और हिजबुल्लाह, हमास के बीच हो रही इस लड़ाई ने पूरी दुनिया को दो खेमों में बांट दिया है। जहां कुछ देश इजरायल के समर्थन में खड़े हैं, वहीं कई अन्य देश इसे मानवीय संकट मानते हुए इसकी निंदा कर रहे हैं। इसके अलावा रूस और चीन ...
thumbnail-image. Add a comment... 6:44 · Go to channel · Russia Ukraine War: NATO से 'ऐटमी जंग' को तैयार रूस? पुतिन के 'अक्टूबर युद्ध' में घिरा यूक्रेन. News18 India New 89K views.
रूस-यूक्रेन की जंग में North Korea की सेना की एंट्री हो चुकी है । कुर्स्क में नॉर्थ कोरिया के सैनिकों ने युद्ध शुरु भी कर दिया है । Putin और Kim Jong की दोस्ती का जवाब देने की तैयारी अमेरिका भी कर रहा है ।
4 days ago — रूस-यूक्रेन युद्ध तथा मध्य-एशिया में चल रहे इजराइल-हिज्बुल्ला युद्ध की आग फैलती ही जा रही है। तालिबान से लेकर, आईसिस, हमास और हूती जैसे आतंकी संगठन तेजी से दुनिया में पैर पसार रहे हैं जिससे आदमी का अस्तित्व ही खतरे में दिखाई देता ...
2 days ago — , strategic nuclear forces, Vladimir Putin nuclear exercise, रूसरूस बैलिस्टिक मिसाइल, रूस यूक्रेन युद्ध, व्लादिमीर पुतिन न्यूज. Russia का यह परमाणु परीक्षण दुनिया को यह साफ संकेत देता है कि रूस ...
... शर्त | NBT Israel Iran War: इजरायल ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच हमास ने सीज़फ़ायर समझौते (Hamas Ceasefire Gaza) से साफ इनकार कर दिया है। फिलिस्तीनी गुट हमास ने कहा है कि वो गाजा में पूरी तरह से लड़ाई ...
Super Prime Time: रूस-अमेरिका युद्ध आरंभ, किम सेना का यूक्रेन विध्वंस! ... Iran Israel War LIVE : 52 ठिकाने टारगेट Netanyahu ? सुखोई-35 से इज़राइल पर हमला? | ...
Part 04 | Israel Iran War इजरायल और ईरान जंग मेंकूदा पाकिस्तान युद्ध ... Part 04 | Ukraine-Russia Crises _ Ukraine War _ Ukraine War Update _ What is NATO ...
Major General GD Bakshi ने युद्ध को लेकर विश्लेषण किया । उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन और ईरान और हमास युद्ध में अब तक 6 से 8 लाख सैनिक मारे जा चुके हैं । ये दुनिया तीसरी विश्वयुद्ध की तरफ बढ़ रही है ।
भारत का सबसे जिगरी दोस्त दुनिया भर में मचा सकता है तबा

 Parwah Desh Ki : इस्लामिक 'NATO' का गठन... बदलेंगे ग्लोबल ...

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 अलग-अलग देशों में चल रहे युद्ध से विश्व को काफी नुकसान हो रहा है। रूस-यूक्रेन, इजरायल-हमास, इजरायल-हिजबुल्लाह, इजरायल-ईरान के बीच अभी जंग जारी...
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tfipost.in
क्या तीसरा विश्व युद्ध होगा? क्या है न्यूक्लियर बंकर और दुनिया में क्यों बढ़ रही है डिमांड
मिडिल ईस्ट जंग के मुहाने पर खड़ा है। पहले और दूसरे विश्व युद्ध में दुनिया के बहुत से देशों ने हवाई हमलों से बचने के लिए बंकर बनाए थे। पहले विश्व युद्ध के दौरान हिटलर के घर में भी एक बंकर मौजूद था।
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इस्लामिक NATO में आतंकियों के पनाहगार PAK का क्या काम? 25 देशों के संगठन का भारत पर क्या होगा असर
सऊदी अरब अमेरिका की तरह ही संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, और विश्व व्यापार संगठन जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सदस्य है. ऐसे में अगर मुस्लिम NATO बनता है और उसकी कमान सऊदी अरब के हाथों में...
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भारत का सबसे जिगरी दोस्त दुनिया भर में मचा सकता है तबाही! अगर इस हथियार का हुआ इस्तेमाल तो मच जाएगा हाहाकार
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रूस-यूक्रेन युद्ध का एक और मोर्चा खुला? उत्तर कोरिया पर US का दावा
Ukraine-Russia war: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में, अमेरिका ने यह दावा किया कि उत्तर कोरिया के 8000 सैनिक वर्तमान में रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन की सीमा के पास...
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